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ई-टेंडर घोटाला: दोषी अधिकारी व कर्मचारी मुख्यालय तलब

सोनीपत : तत्कालीन नगर परिषद के बहुचर्चित ई-टेंडर घोटाले की जांच फाइल लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रहने के बाद अब एक बार फिर बाहर निकली है। मामले की फाइल आगे बढ़ी है। जांच में दोषी पाए गए अधिकारी-कर्मचारियोंको मंगलवार को मुख्यालय बुलाया गया था। मामले से संबंधित अधिकतर अधिकारी पदोन्नति पाकर अब अन्य स्थानों पर तैनात हैं। ऐसे में सोनीपत नगर निगम से अकाउंट ऑफिसर को मामले से संबंधित रिकार्ड के साथ मुख्यालय बुलाया गया है। दैनिक जागरण ने ही ई- टेंडर घोटाले को उजागर किया था, जिसके बाद जांच समिति गठित की गई थी। वहीं, इसके बाद विजिलेंस से लेकर सीएम फ्लाइंग दस्ते ने मामले की जांच शुरू की थी। शहरी निकाय मंत्री कविता जैन ने 16 जुलाई 2016 को जांच के आदेश दिए थे। घोटाले में तत्कालीन नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद प्रधान एवं परिषद की इंजीनिय¨रग ¨वग के अधिकारियों को विभागीय जांच में दोषी पाया गया था।

मामले में सबसे ताज्जुब की बात ये है कि जांच में करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बावजूद संबंधित अधिकारी-कर्मचारियोंपर विभाग की मेहरबानी बनी रही। कार्रवाई की बजाय इन्हें पदोन्नति मिलती रही। मामले से जुड़े अधिकारी- कर्मचारी पदोन्नति पाकर सोनीपत से जा चुके हैं। घोटाले के समय जेई स्तर पर तैनात रहे कई कर्मी तो अब पदोन्नति पाकर विभाग में सचिव तक का पद पा चुके हैं। मामले में ढुलमुल रवैया शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा है। वहीं, अब तक पदोन्नति मिलते रहना मामले में क्लीन चिट के रूप में देखा जा रहा था। अब मुख्यालय की ओर से संज्ञान लेने से इनकी परेशानी बढ़ती दिख रही है