# क्रीमी लेयर के बहाने पदोन्नति में आरक्षण बंद नहीं कर सकते : मोदी सरकार          # मध्यपूर्व के लिए अमेरिकी शांति योजना स्वीकार्य नहीं : अब्बास         # पहले नोटबंदी फिर जीएसटी ने जनता की कमर तोड़ी : हुड्डा         # स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के खिलाफ कोर्ट पहुंचे सांसद दुष्यंत          # 300 से ज्यादा दलित परिवारों ने अपनाया बौद्ध धर्म         # भारत को विदेश में पहली बार जीत दिलाने वाले कप्तान अजीत वाडेकर का निधन         # नहीं रहे अटल बिहारी वाजपेयी , देश भर में शोक की लहर          # वाजपेयी के निधन पर बोले पीएम मोदी- मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं         # 93 साल की उम्र में वाजपेयी का निधन, देशभर में शोक की लहर          # थोड़ी देर में अटल का पार्थिव ले जाया जाएगा कृष्णा मेनन मार्ग ते आवास पर         # वाजपेयी का निधन देश, राजनीति और भाजपा के लिए एक अपूर्णीय क्षति - मुख्यमंत्री मनोहर लाल        
News Description
मरीजों को जिले में ही मिलेंगी चिकित्सा सुविधाएं

सोनीपत: किसी भी क्षेत्र के लिए स्वस्थ समाज पहली प्राथमिकता है। वर्ष 2017 में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के काफी प्रयास किए गए। इस आधार पर कहा जा सकता है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से वर्ष 2018 जिलावासियों के लिए उम्मीदों भरा रहेगा। इस साल में जिले के लोगों को जहां बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी ,वहीं स्वास्थ्य केंद्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सुधार किया जाएगा। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को राहत देने की दृष्टि से ट्रामा सेंटर बनाने की कवायद भी जल्द शुरू होगी। जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इस वर्ष कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम होगा, जिससे मरीजों को रोहतक और दिल्ली के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए वर्ष 2017 में अस्पताल को 200 बेड का बनाया गया है। इसके बावजूद मरीजों की काफी संख्या के कारण सुविधाएं फीकी पड़ रही है। इससे स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को 300 बेड का करने पर पत्राचार शुरू हो गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय प्रशासन से इसका प्रस्ताव भी मांगा है। इसे अस्पताल प्रशासन ने मंजूरी के लिए विभाग को सौंप भी दिया है। उम्मीद है कि अस्पताल को अप्रैल माह में 300 बेड का कर दिया जाएगा।

यह है उम्मीद

नागरिक अस्पताल में अभी तक हार्ट, किडनी, कैंसर का उपचार महज औपचारिकता मात्र है। इन गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को आते ही रेफर किया जाता है, जिससे मरीज परेशान होते हैं, लेकिन 300 बेड पर यह सुविधाएं उन्हें मिलने की उम्मीद जग गई है। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड बेहद छोटा है। कई ट्रामा केस आने पर संभालने में एक डॉक्टर के लिए मुश्किल हो जाती है। इस सुविधा का भी अब विस्तार होगा। वहीं ऑपरेशन थियेटर में अभी तक छोटी सर्जरी ही हो रही हैं। अब यहां वह सर्जरी भी हो सकेंगी, जिनके लिए मरीजों को फिलहाल या तो खानपुर या फिर रोहतक पीजीआइ रेफर करना पड़ता है। इसके अपग्रेड होने से मरीजों की सर्जरी भी यहीं शुरू हो सकती है। साथ ही अस्पताल का जच्चा-बच्चा वार्ड 100 बेड का बनाया जाएगा। इससे मरीजों को आसानी से बेड नहीं मिलता।