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एनओसी के फेर में उलझ जाता है रेलवे कालोनी का विकास

अंबाला : छावनी की रेलवे कॉलोनी के विकास की जिम्मेदारी दो अथॉरिटी के पास है। रेल प्रशासन और कैंटोनमेंट बोर्ड दोनों ही यहां पर सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य विकास कार्य करा सकता है। लेकिन दोनों अथॉरिटी की ओर से विकास की रफ्तार बेहद धीमी रही है। आज भी यहां के लोग कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। रेलवे के क्वार्टर में रहने वाले रेलवे कर्मियों और परिवार की मजबूरी यह है कि सरकारी नौकरी होने की वजह से वह अपने विभाग के खिलाफ नहीं बोल पाते। इसके अलावा कैंटोनमेंट बोर्ड के पास सड़कों, गंदगी जैसे समस्याओं की शिकायत करने के लिए समय नहीं होता। इसीलिए हालात यह है कि कैंटोनमेंट बोर्ड के वार्ड नंबर 7 दोनों ही अथॉरिटी ध्यान नहीं दे रही है। आम जनता को जरूरत ऐसे पार्षद की है जो उन समस्याओं से जुड़ा हो और विकास की तरफ ध्यान दें। उनकी समस्याओं का समाधान रेलवे के साथ-साथ कैंटोनमेंट बोर्ड के पास कराए। वार्ड में उप चुनाव होना है और मैदान में रेलवे यूनियन के नेता कांग्रेस की तरफ से मोर्चा संभाल रहे हैं तो वहीं भाजपा की ओर से युवा सन्नी पार्षद पद के दावेदार हैं। जैसे-जैसे चुनाव की घड़ी नजदीक आ रही है वैसे-वैसे ही उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ गई है और रेलवे कॉलोनी और कुष्ट आश्रम में रहने वाले लोगों को दोनों में से किसी एक को चुनना है।