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हेरिटेज सिटी में तोड़फोड़ के खिलाफ हंगामा

एमजी रोड स्थित हेरिटेज सिटी में तोड़फोड़ को लेकर बुधवार शाम जमकर हंगामा हुआ। स्थानीय लोगों ने काफी देर तक जेसीबी सहित तोड़फोड़ दस्ते को गेट के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया। पुलिस बल की सहायता से दस्ते ने काफी देर बाद पार्किंग में अवैध रूप से बनी दुकानों को सील कर दिया।

हेरिटेज सिटी निवासी प्रवीण कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हेरिटेज आरडब्ल्यूए पार्किंग एरिया में अवैध रूप से पोटरं केबिन स्ट्रक्चर की दुकानें बनाकर किराया वसूल रही है। इस पर डीटीपी इंफोर्समेंट राजेंद्र शर्मा द्वारा 7 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी कर बुधवार को तोड़फोड़ करने के लिए पहुंच गए। आरडब्ल्यूए की तरफ से इसका पुरजोर विरोध किया गया। आपस में काफी कहासुनी भी हुई। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने दुकानों को सील कर दिया।

आरडब्ल्यूए पदाधिकारी शेफालिका शर्मा ने बताया कि पिछले 12 साल से ये दुकानें यहां चल रही हैं। इस टाउनशिप में लगभग 725 फ्लैट हैं। रोजमर्रा की जरूरतमंद वस्तुओं के लिए यह दुकानें खोली हुई हैं। यही नहीं इससे जुड़ा हुआ मामला पिछले 19 साल से कोर्ट में लंबित है। विभाग द्वारा दिए गए नोटिस के खिलाफ भी आरडब्ल्यूए द्वारा प्रधान सचिव के यहां अपील दायर की गई लेकिन विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की।

आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का आरोप है कि बिल्डर की मिलीभगत के चलते विभाग यह कार्रवाई कर रहा है। नहीं तो आज से 12 साल पहले कभी कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यही नहीं बिल्डर की ओर से क्लब में चार दुकानों को बेचने के लिए अखबार में नोटिस भी दिया गया है। उसी के चलते यह कार्रवाई की जा रही है।

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पार्किंग एरिया में जो दुकानें बनी हुई हैं, वे अवैध हैं। इन दुकानों का कोर्ट के मामले से कोई लेना-देना नहीं है। पोटा केबिन बनवाकर अवैध तरीके से किराया वसूल जा रहा है। इसके खिलाफ विभाग के पास भी शिकायत दर्ज हुई। आरडब्ल्यूए को इसके लिए समय से नोटिस भी दिया गया, जिसके खिलाफ उच्च अधिकारी अपील भी खारिज कर चुके हैं।