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माकपा द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन, अनेक जनसंगठनों ने जताया शोक

पूर्व ट्रेड यूनियन नेता कामरेड राजेश महिया का इस चुनौतीपूर्ण दौर में बिछुड़ने से मेहनतकश जनता, मजदूरों, कर्मचारियों, किसानों, वंचित, उत्पीड़ित वर्ग को भारी क्षति हुई है। उनकी समतावादी, बराबरी के समाजवादी, मा‌र्क्सवादी विचार और साम्प्रदायिकता, धार्मिक कट्टरता के खिलाफ बहादुरीपूर्ण भूमिका हमारे लिए प्रेरणा बनी रहेगा। यह बात पटवार भवन, फतेहाबाद में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (मा‌र्क्सवादी) के राज्य सचिव सुरेन्द्र मलिक ने कही। श्रद्धांजलि सभा का संचालन पार्टी के जिला सचिव जगतार ¨सह ने किया। सर्वप्रथम सभा में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर कामरेड राजेश महिया को अपनी श्रद्धांजली अर्पित की और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए का. सुरेन्द्र मलिक, जगतार ¨सह, पूर्व विधायक हरपाल ¨सह, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य अध्यक्ष धर्मबीर फोगाट, किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मा. शेर ¨सह, माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य मा. सत्यपाल सिवाच ने कहा कि कामरेड राजेश महिया एक वैज्ञानिक सोच के थे और प्रगतिशील साहित्य पढ़ने में काफी रूचि रखते थे। वे जातपात, धर्म, इलाका आदि से ऊपर उठकर समाज के बेहतरी के लिए ना केवल सोचते थे बल्कि यह सब उनके व्यवहार में शामिल था। वे समाजवादी व्यवस्था के पक्षधर थे और यह सब उनकी कार्यशैली से साफ झलकता था। उन्होंने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ के गठने से पहले फतेहाबाद में कर्मचारी व मजदूर संगठन का निर्माण किया गया था और राजेश महिया उस संगठन के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। इसके अलावा उन्होंने बिजली कर्मचारी यूनियन में भी रहकर कर्मचारियों की मांगों को जोर-शोर से उठाया था। इस अवसर पर राजेश महिया द्वारा मृत्यु से पूर्व लिखी गई अपनी आत्मकथा के कुछ सारांक्ष भी उनकी बेटी अलका महिया द्वारा श्रद्धांजलि सभा में पढ़कर सुनाए गए। श्री महिया के निधन पर रिटायर कर्मचारी संघ, जनवादी महिला समिति, ऑल इंडिया लॉयर्ज यूनियन, सिटी वेलफेयर क्लब, सर्व कर्मचारी संघ, अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू सहित अनेक जनसंगठनों ने भी शोक प्रकट किया। इस अवसर पर सरबत ¨सह पूनियां, रामकुमार बहबलपुरिया, संदीप महिया, दिनेश सिवाच, सत्या विद्यार्थी, अजय शर्मा, देवीलाल एडवोकेट, जिला पार्षद रामचन्द्र सहनाल, का. छत्रपाल ¨सह, रमेश जाण्डली, भगवंत ¨सह सेठी, जितेन्द्रपाल कौर, कृष्णस्वरूप गोरखपुरिया, हरिचंद कम्बोज, पूर्व पार्षद सुरेन्द्र मिढ़ा, सुबे ¨सह एडवोकेट, चन्द्रभान एडवोकेट, मोहन लाल नारंग, जोगेन्द्र भ्याना सहित सैंकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित थे।