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कांग्रेस ने काले दिवस के रूप में मनाई नोटबंदी की पहली वर्षगांठ, शहर में निकाला रोष मार्च

भाजपासरकार की तरफ से गई नोटबंदी की पहली वर्षगांठ को कांग्रेस जिला इकाई ने काला दिवस के रूप में मनाया। जिला प्रभारी ओमप्रकाश केहरवाला के नेतृत्व में जिला पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने लाल बत्ती चौक से जवाहर चौक तक रोष जुलूस निकाला। इससे पूर्व लाल बत्ती चौक पर एकत्रित हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को जिला प्रभारी केहरवाला के अलावा पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा, पूर्व सीपीएस दुड़ाराम, वरिष्ठ नेता जयपाल लाली, महिला विंग जिला प्रधान कृष्णा पूनिया, सचिव टेकचंद मिड्डा, इंडस्ट्रीयल एरिया प्रधान नरेश सरदाना, ठाकुर भवानी सिंह, मंगतराम लालवास, विनोद बबली, अंग्रेज लाली, जगजीत हुड्डा, सुरेंद्र बर्तिया प्रवीन भिरड़ाना आदि वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। प्रदर्शन उपरांत जिला प्रभारी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों ने एसडीएम सतबीर जांगू को नोटबंदी के खिलाफ ज्ञापन भी सौंपा। 

इससे पहले कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला प्रभारी ओमप्रकाश केहरवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक साल पहले 500 100 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया था जिससे संगठित, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का रोजगार छीन गया था। नकदी की कमी से लोग अपने बच्चों का विवाह टालने को मजबूर हो गए थे तो किसान फसल के लिए खाद-बीज भी नहीं खरीद पाए। कारोबारियों के कारोबार में भारी गिरावट गई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के पहले 50 दिनों में प्रदेश में करीब 125 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि अभी जनता नोटबंदी की मार से उभरी ही नहीं थी कि सरकार ने जीएसटी थोप दी जिसका असर कारोबारियों पर पड़ा है और उनका कारोबार एकदम ठप होकर रह गया है। इस रोष प्रदर्शन में राजू लाली, ललित मुखीजा, भीम नारंग, सुरजीत मेडल, अशोक भुक्कर, अरविंद भुक्कर, कपिल पूनिया, जोगेंद्र खिचड़, मुकेश लड्ढा, प्रवीन राणा एडवोकेट, सीताराम एडवोकेट आदि उपस्थित थे। 

कांग्रेस के प्रदर्शन में कुछ नेता देरी से पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान वह शामिल नहीं रहे, लेकिन जब ज्ञापन देने का समय आए तो वह आगे गए। इसे लेकर कांग्रेस के अन्य नेताओं ने इस पर एतराज उठाया और इस दौरान आपस में कर्मचािरयों के बीच नौक झोंक भी हुई। उनका कहना था कि प्रदर्शन को लेकर सभी नेताओं को समय पर पहुंचना चाहिए, लेकिन कई नेता कार्यक्रम शुरू होने के बाद आते हैं और फोटो के समय आगे रहने का प्रयास करते हैं। जिन पर एतराज उठाया गया है, वह चुनाव भी लड़ चुके हैं। वहीं कुछेक प्रदेश स्तरीय पदों पर हैं। 

नोटबंदी से विश्व में भारत को सबसे बड़ी ताकत बनाया : वेद फुलां 

2.1 लाख कंपनियों का पंजीकरण रद्द, 800 करोड़ की बेनामी संपत्ति जब्त 

जीएसटी नोटबंदी के विरोध में रोष प्रदर्शन कर काला दिवस मनाते हुए कांग्रेस नेता कार्यकर्ता। 

माकपा ने मनाया काला दिवस, मोदी सरकार का पुतला फूंका 

फतेहाबाद | देशके इतिहास में 8 नवम्बर 2016 का दिन काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। पिछले साल इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काले धन, नकली नोटों, भ्रष्टाचार और आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाने के नाम पर अचानक 1000 और 500 रुपये के नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी। यह बात मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव जगतार सिंह ने बुधवार को नोटबंदी की पहली वर्षगांठ पर माकपा द्वारा आयोजित प्रदर्शन से पूर्व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। नोटबंदी के विरोध में माकपा ने काला दिवस मनाया और शहर में रोष प्रदर्शन किया। माकपा कार्यकर्ता बीघड़ रोड स्थित माकपा कार्यालय में एकत्रित हुए और वहां से रोष प्रदर्शन करते हुए जवाहर चौक पहुंचे और भाजपा सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शन का नेतृत्व माकपा जिला सचिव जगतार सिंह ने किया। इस अवसर पर जगतार सिंह, जिला पार्षद रामचन्द्र सहनाल, रामस्वरूप ढाणी गोपाल, छत्रपाल सिंह, कुलतार सिंह, मोहन लाल नारंग, रमेश जांडली, रमेश रत्ताखेड़ा, कौर सिंह, ओमनाथ, केवल सिंह, मदन सिंह, धर्मपाल जांडली, विनोद कक्कड़, भगवंत सेठी, चन्द्रभान एडवोकेट, राम सिंह एडवोकेट आदि मौजूद थे।