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डेढ़ साल से पेंशन के लिए भटक रहे दिव्यांग और बुजुर्ग, दी शिकायत

शहर के वार्ड नंबर 9 10 के अनेक पेंशनधारक अपनी बकाया एक माह की पेंशन के लिए पिछले करीब डेढ़ साल से भटक रहे हैं। अनेक विभागों के चक्कर लगाकर थक चुके इन पेंशनधारकों जिनमें विकलांग, बुढ़ापा विधवा शामिल हैं, ने पार्षद रामकुमार सैनी के माध्यम से एक शिकायत सीएम विंडो पर की है। 

इन पेंशनधारकों की पैरवी कर रहे पार्षद रामकुमार सैनी ने बताया कि उक्त दोनों वार्डों के अनेक पेंशनधारक ऐसे हैं जिनकी मई 2015 की पेंशन अभी तक उन्हें नहीं मिली। उन्होंने कहा कि बुढ़ापे में पेंशन उन्हें किसी खजाने से कम नहीं लगती ऐसे में एक एक पल उन्हें भारी लगता है तथा हर समय अपनी बकाया पेंशन मिलने की आस करते रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में समाज कल्याण अधिकारी को शिकायत की तो बताया गया कि पेंशन बैक में जा चुकी है। बैंक वालों ने कहा कि हमारे पास बकाया पेंशन नहीं आई। वर्ष 2016 में पेंशन समस्या के बारे आयोजित खुले दरबार में उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाई पर कोई समाधान नहीं हुआ। 28 सितंबर 2017 को उपायुक्त व्यक्तिगत तौर पर जाकर दी तो उन्होंने शिकायत लेने से मना कर दिया। जब स्टेनो को लिखकर देने को कहा तो शिकायत तो रख ली लेकिन आज तक कोई जबाव नहीं मिला। जिस कारण वे परेशान हो रहे हैं। 

खातेमें हर माह कट रहे हैं रुपये 

इतनाही नहीं न्यूनतम बकाया रखने के नाम पर बैंकों द्वारा रुपये काटे जा रहे हैं। जिससे उनमें रोष व्याप्त है। बैंक की ओर से कहा जा रहा है कि या तो अपने अकाउंट में कुछ राशि रखो नहीं तो रुपये कटते रहेंगे। उन्होंने सीएम विंडो पर दी शिकायत में मांग की है कि उन्हें उनकी बकाया पेंशन दिलाई जाए तथा बैंक खातों से कटने वाले रुपयों पर रोक लगाई जाए। 

पेंशन नहीं आने पर नगर पार्षद को अपनी बैंक पासबुक दिखाते हुए पेंशन धारक। बार-बार गुहार पर भी प्रशासन की ओर से समाधान नहीं हो रहा है।