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सीएम फ्लाइंग ने नपा में गड़बड़ी वाला रिकाॅर्ड जब्त किया

सीएमफ्लाइंग की टीम ने शुक्रवार को नगरपालिका में दबिश दी। टीम ने नगरपालिका में भवन, शेड से संबंधित रिकाॅर्ड को जब्त किया। टीम में सीएम फ्लाइंग के निरीक्षक जगदेव सिंह, उपनिरीक्षक मलकीत सिंह शामिल थे। टीम ने अपने साथ पंचायती विभाग के एसडीओ जेई को भी शामिल किया हुआ था, ताकि रिकाॅर्ड के साथ-साथ सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की जा सके। 

इससे पहले सीएम फ्लाइंग की टीम नगरपालिका के भवन शेडों के सैंपल ले चुकी हैं। गड़बड़ी वाले रिकाॅर्ड को जब्त करने के साथ-साथ फिर से पैमाइश करवाई गई। इससे पहले 74 लाख रुपये की लागत से नगरपालिका के नए भवन के पहले से लिए गए सैंपलों में से एक सैंपल फेल आया है, जबकि दमकल केंद्र लेबर शेड की पाइपों के साइज में भी गड़बड़ियां मिली हैं। अब फिर से इनकी जांच की जाएगी। इससे नगरपालिका अधिकारियों पर गाज गिरना लगभग तय है। इसे लेकर नगरपालिका अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर जगदेव सिंह उपनिरीक्षक मलकीत सिंह ने बताया कि सीएम फ्लाइंग को गुप्त सूचना मिली थी कि नगरपालिका द्वारा 74 लाख रुपये की लागत से बनाए गए नए भवन के अतिरिक्त कम्युनिटी हाल में पांच लाख रुपये की लागत से बनाए गए दमकल गाड़ी के शेड रोड पर 3 लाख रुपये की लागत से बने लेबर शेड में काफी गड़बड़ियां हैं। काम निजी एजेंसी से करवाया गया है, जिसमें नियमानुसार सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया। मामले की जांच पिछले एक साल से चल रही है। इससे पहले टीम तीनों जगहों से सैंपल ले जा चुकी है। उन्होंने बताया कि सैंपल मधुबन एफएसएल में भेजे गए और वहीं से जांच करवाई गई। भवन के चार सैंपल भेजे गए, जिनमें से एक सैंपल फेल आया है और बाकी सैंपलों की जांच होनी है। इसी प्रकार शेडों में भी गड़बड़ियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टि में भवन शेडों के निर्माण में गड़बड़ियां सामने आई हैं। शेडों में जो लोहे की पाइपें इस्तेमाल की गई है, वह रिकाॅर्ड के अनुसार होकर उनकी मोटाई में कमी मिली है। अब फिर से तीनों जगहों पर जांच की जाएगी। इसके लिए पंचायती विभाग के एसडीओ जेई से निर्माण सामग्री का ब्योरा एकत्रित किया जाएगा। इसमें पता किया जाएगा के निर्माण पर कितना रुपया खर्च हुआ है और कितनी गड़बड़ी की गई है। मौके पर निर्माण करवाने वाली एजेंसी को भी बुलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए एजेंसी जिम्मेवार अधिकारियों पर रिकवरी डाली जाएगी। रिकवरी का रिकाॅर्ड तैयार किया जा रहा है। इसकी भी सूची तैयार की जा रही है कि निर्माण के दौरान नगरपालिका के किन-किन अधिकारियों की ड्यूटियां रही थीं।