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लग जांच गिरोहों का पर्दाफाश करने वाली महिलाएं सम्मानित

स्वास्थ्य विभाग के साथ जान पर खेलकर ¨लग जांच व भ्रूण हत्या करने वाले गिरोहों का पर्दाफाश करने वाली महिलाओं को सोमवार को जिला प्रशासन ने नकद इनाम व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन चार महिलाओं ने रेड के दौरान फर्जी ग्राहक की भूमिका निभाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

प्रशासन ने इनमें से तीन को 21-21 हजार रुपये, एक को 11 हजार, जबकि गर्भपात करने वाले चिकित्सक की सूचना देने वाली तीन महिलाओं को एक-एक लाख रुपये का इनाम देकर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। फर्जी ग्राहक की भूमिका निभाने वाली सभी महिलाएं उस दौरान गर्भवती थीं, जिनमें से अब कुछ की डिलीवरी भी हो चुकी है। इतना ही नहीं इनमें से दो महिलाएं ऐसी शामिल थीं जो स्वयं स्वास्थ्य विभाग के पास बेटियों को कोख में मारने वाले लोगों के खिलाफ चलने वाले अभियान में सहभागिता निभाना चाहती थी।

जान अटक जाती है

गर्भ में हर कोई मां अपने बच्चे का ख्याल रखना चाहती है, ताकि उसका बच्चा सुरक्षित रहे। ऐसे में अगर किसी गिरोह का पर्दाफाश करने के लिए उनके बीच जाना पड़े तो वह समय बेहद संवेदनशील होता है। मगर वे अंजान व्यक्तियों के बीच जाकर इसलिए जोखिम उठाती हैं कि कोख में कत्ल हो रही बेटियों को बचाया जा सके। यह बेहद नाजुक क्षण भी होता है। अगर गिरोह के किसी व्यक्ति को शक हो जाए तो जान पर बन सकती है। मगर उन्हें फक्र है कि वे इस सरकार व स्वास्थ्य विभाग के इस काम में कुछ मदद कर पाईं। दैनिक जागरण से विशेष बातचीत के दौरान फर्जी ग्राहक निर्मला, शीना, दर्शना और रीना ने कहा कि महिलाओं का भी समाज के प्रति दायित्व बनता है और बेटियों की रक्षा करके उस दायित्व को निभाया जा सकता है। दूसरी महिलाएं भी आगे आएं और सरकार द्वारा समय-समय पर चलाए जा रहे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं, तभी बेटियां बच पाएंगी।

कांस्टेबल मनजीत भी पुरस्कृत

बिना सूचना के स्वास्थ्य विभाग लाचार है। पुख्ता सूचना के आधार पर ही ऐसे गिरोहों को काबू किया जा सकता है, ताकि वे सबूतों के अभाव में छूट न जाएं। इसके लिए जिला प्रशासन का मुख्य बल सूचना तंत्र है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से आश्रित रहता है। इसलिए सूचना देने वालों की भूमिका को अहम माना जाता है। ऐसी तीन महिलाओं को जिला प्रशासन ने सम्मानित करने का काम किया है, जिनकी सूचना के आधार पर ही विभाग गिरोहों तक पहुंच पाया। अहम पहलू यह है कि तीन में से दो इनफोर्मर विभाग के ही कर्मचारी है, जबकि एक आम नागरिक है। इस दौरान कांस्टेबल मनजीत ¨सह को भी जिला प्रशासन द्वारा छापामारी में अहम भूमिका निभाने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समाज को इन महिलाओं पर नाज : कटारिया

उपायुक्त सुमेधा कटारिया ने सम्मानित करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका बड़ी सशक्त रही है। जो लोग महिला को अबला समझते हैं वे गलत है अब महिला अबला नहीं सबला हो चुकी है और पुरुषों के बराबर खड़ी है। इस तरह के खतरनाक काम करने वालों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाली महिलाओं ने यह करके दिखा दिया है कि महिला किसी से कम नहीं है। समाज के लोगों को इन पर नाज है। जिला सिविल सर्जन डॉ. एसके नैन ने भी गिरोहों तक पहुंचाने वाली महिलाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह एक सराहनीय कदम है। पीएनडीटी विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. आरके सहाय ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में जोखिम भरा काम करना बेहद ही मुश्किल है, लेकिन इन महिलाओं ने इस जोखिम भरे काम को अंजाम तक पहुंचाया है, जिसके लिए उनकी जितनी प्रंशसा की जाए उतनी कम है।