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काश कि असुरक्षित प्रतीक्षा को वे¨टग रूम मिल जाए .

 फतेहाबाद : ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बेटियां उच्च शिक्षा के लिए शहर पढ़ने आती हैं। कालेज में कक्षाएं खत्म होने तथा गांव लौटने के लिए वापसी बस के बीच दो घंटे तक का उबाऊ अंतराल रहता है। कई बार तो इंतजार की इंतहा हो जाती है। बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति छात्राओं को तमाम आशंकाओं से घेरती है। कारण कि उन्हें बस डिपो के खुले परिसर में यह समय व्यतीत करना पड़ता है। परेशानी स्वाभाविक ही। यह हकीकत बस स्टैंड में चलाए गए दुर्गा अभियान के दौरान भी साबित हो गया था जब यहां कई युवकों को आवारागर्दी करते हुए पकड़ा था। इस सच्चाई को देखते हुए बस अड्डा परिसर में प्रतीक्षारत छात्राओं के लिए हिसार अथवा अन्य जिलों की तर्ज पर एक वे¨टग रूम की जरूरत शिद्दत से महसूस की जा रही है।