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अब रेहड़ी पर भी नहीं बेच पाएंगे घटिया खाद्य सामग्री

 सोनीपत: खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्रवाई जहां पहले महज मिठाई वाली दुकानों तक ही सीमित रहती थी, वहीं अब यह शहर के प्रमुख ढाबे, रेस्टोरेंट व डेयरी इत्यादि तक पहुंच चुकी है। इसके बाद अब आने वाले दिनों में इस कार्रवाई के तहत सड़क किनारे रेहड़ी लगाकर खाद्य सामग्री बेचने वालों पर भी नकेल कसी जाएगी।

विभागीय अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर समय-दर-समय खाद्य पदार्थों के सैंपल लेते रहे हैं। किसी भी दुकान की रिपोर्ट में आने वाली खामियों के बाद उस पर जुर्माना लगाया जाता है। मगर ऐसा हमेशा देखने में आता रहा है कि फास्ट फूड बेचने वाले रेस्टोरेंट व ठेलों पर बिकने वाली तमाम सामग्री की निगरानी में विभाग का रवैया सख्त नहीं रहा है। इस साल खाद्य सुरक्षा अधिकारी इसी रणनीति पर काम करेंगे।

खाद्य सुरक्षा विभाग के नियमानुसार आदर्श खाद्य सामग्री के जो कानून किसी दुकान या रेस्टोरेंट पर लागू होते हैं, वही नियम किसी साधारण रेहड़ी पर सामान बेचने वाले विक्रेता पर भी लागू होते हैं। अगर किसी खाद्य सामग्री में कोई कमी या मिलावट पाई जाती है तो पांच हजार रुपये से लेकर पांच लाख तक का जुर्माना ठोंका जा सकता है। बरती गई लापरवाही व अन्य तथ्यों के आधार पर जुर्माने की राशि कोर्ट तय करता है। इसके अलावा दुकानों के साथ ही ठेले वाले को भी खाद्य सामग्री बेचने के लिए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) से लाइसेंस लेने का प्रावधान है। इसके बावजूद कभी न ही रेहड़ियों पर बिकने वाले सामान की निरीक्षण होता है और न ही कोई सैंपल भरे जाते हैं। लाइसेंस की बात करें तो शहर में मुश्किल ही ऐसी कोई रेहड़ी या ठेला होगा ,जिसके बाद संबंधित अथॉरिटी की मंजूरी होगी। इसके बावजूद हर गली मोहल्ले से लेकर शहर की प्रमुख मार्केट में रेहड़ी पर खाना खूब परोसा जाता है।