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चयनित जेबीटी को सुप्रीम कोर्ट से राहत

लगभग 32 महीनों से नियुक्ति की राह देख रहे चयनित जेबीटी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। शीर्ष कोर्ट ने हाईकोर्ट को नियुक्तियों पर रोक संबंधी लंबित मामले का निपटारा करने को कहा है। इस मामले में हाईकोर्ट की डबल बेंच में 20 अप्रैल को सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट पूर्व निर्धारित तारीख यानी 20 अप्रैल को सुनवाई शुरू कर दे और यथाशीघ्र निपटारा कर दे, हो सका तो ग्रीष्मकालीन अवकाश से पहले निपटारा हो जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश चयनित जेबीटी रीतू व अन्य की याचिका पर दिए हैं। इसमें वर्ष 2011 में निकली 9,870 भर्तियों में चयनित हुए 8,374 जेबीटी को जल्द नियुक्ति देने की मांग की गई थी। वैसे वर्ष 2013 में एचटेट के आधार पर भर्ती में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों को मिलाकर कुल 12,731 चयनित जेबीटी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की एकल बेंच ने इस भर्ती को चुनौती देने संबंधी सभी याचिकाओं को 31 मार्च 2016 को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेशों के 42 दिन बीतने के बाद भी प्रदेश सरकार ने इन चयनित जेबीटी को नियुक्ति नहीं दी। 11 मई 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच में फिर से रोक लगने से नियुक्तियां लटक गई।

भर्ती में चयनित कुछ जेबीटी सोमदत्त व अन्य ने मामले में सितम्बर 2016 में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 23 सितम्बर को दिए आदेश में हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि या तो हाईकोर्ट चयनित जेबीटी की नियुक्तियों पर रोक संबंधी अपने आदेश में संशोधन करे या 2 महीने में केस का निपटारा करे। सुप्रीम कोर्ट के उक्त आदेश की 7 महीने में भी पालना न होने पर चयनित जेबीटी रितु व अन्य ने एक बार फिर से मामले में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस आर.भानुमति की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा द्वारा दिए गए तर्कों व तथ्यों से सहमत होते हुए याचिका स्वीकार कर ली।