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हमारे पास नहीं है बॉडी बैग और कॉफिन-सेना की मांग पर CBI का जवाब

नई दिल्ली: ‘कॉफिनगेट’ नाम से जाने जा रहे मामले की जांच कर रही सीबीआई ने कहा कि कानपुर में सेना के एक गोदाम में पड़े बॉडी बैग और ताबूत सौंपने की मांग से जुड़ी सेना की याचिका के संबंध में उसकी कोई भूमिका नहीं है एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी इससे पहले ऐसी खबरें आयी थीं कि सेना ने गोदाम में पड़े 900 से अधिक बॉडी बैग और 150 ताबूत उसे जल्द सौंपने की मांग की है। दोनों चीजें 1999 में खरीदी गयी थीं और चार लाख डॉलर के घूस के आरोपों और उसके बाद हुई सीबीआई जांच के मद्देनजर ये बॉडी बैग और ताबूत गोदाम में पड़े हुए हैं

अधिकारी के अनुसार सीबीआई की अदालत में सुनवाई के दौरान सबूत के तौर पर इस्तेमाल के लिए केवल एक ताबूत और एक बॉडी बैग जब्त किए गए हैं

कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन एनडीए सरकार ने 3000 बॉडी बैग और 500 ऐल्युमिनियम ताबूत की खरीदी का आदेश दिया थारिश्वत के आरोप लगने के बाद सौदे को रद्द कर दिया गया, लेकिन तब तक 900 बॉडी बैग और 150 ताबूतों की सप्लाई किए जा चुके थे. उस वक्त यह मामला कारगिल ताबूत घोटाले के रूप में उछला था

मामले की जांच सीबीआई ने की थी कोर्ट में मामला चलने के बाद दिल्ली की एक अदालत ने 2013 में तीन पूर्व आर्मी अधिकारियों इस मामले में बरी कर दिया थासीबीआई ने ‘कॉफिनगेट’ घोटाले में अपनी चार्जशीट में इन आर्मी अधिकारियों के नाम शामिल किए थे

उल्लेखनीय है कि सेना की मांग उस समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले सात जवानों के शव प्लास्टिक के बोरियों में लपेटे जानेऔर गत्तों में रखे जाने की तस्वीर सामने आई, जिससे लोगों में आक्रोश पैदा हो गया