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मतदान रद करवाने के लिए डीसी से मिले निवर्तमान प्रधान और डिप्टी

जींद नरवाना नगरपरिषद के चेयरमैन पद से हटाए गए सुरेश कुमार पप्पू ने शुक्रवार को वाइस चेयरमैन रहे कृष्ण मोर समेत सात पार्षदों के साथ डीसी से मुलाकात की और मतदान को रद करवाने की मांग की। डीसी को सौंपे शपथ पत्र में सुरेश पप्पू और कृष्ण मोर ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के समय निर्वाचन अधिकारी ने पार्षदों से ओपन में वोट डलवाए, जो नियमों के खिलाफ है। इसके अलावा उनके पक्ष के पार्षदों को नगरपरिषद के अंदर नहीं घुसने दिया, जिस कारण वो वोट नहीं डाल सके। डीसी से मिलने वालों में पार्षद सुरेंद्र मोर, कैलाश ¨सगला, राजू एमसी, अंजलि गुप्ता, सुनीता गोयल भी शामिल थे।

डीसी से मुलाकात के बाद निवर्तमान चेयरमैन सुरेश पप्पू ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरेआम लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गई। खुद उन्हें काफी वाद-विवाद के बाद नगरपरिषद के अंदर जाने दिया गया, जबकि उनके पक्ष के पार्षदों को बाहर ही रोक दिया। सुरेश ने यह भी कहा कि बैलेट पेपर प्रधान पद के चुनाव के लिए बनाए गए थे, जबकि मतदान अविश्वास प्रस्ताव पर होना था। सुरेश ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव के समय वो¨टग गोपनीय होती है और परदे के पीछे मुहर लगनी होती है। लेकिन निर्वाचन अधिकारी एसडीएम डॉ. किरण ¨सह ने ओपन में मेज पर बैलेट पेपर रखवाया पार्षदों से जबर्दस्ती लिखवाया कि वे चेयरमैन के खिलाफ वोट देना चाहते हैं। उन्होंने इसका विरोध किया तो एसडीएम ने उन्हें चुपचाप बैठने और केस दर्ज करवाकर अंदर करवाने की धमकी दे दी। सुरेश ने यह भी दावा किया कि एक पार्षद ने उन्हें बताया कि उन्होंने बैलेट पेपर पर प्रधान व उपप्रधान के खिलाफ कुछ भी नहीं लिखा और सिर्फ हस्ताक्षर किए हैं। यह वोट रद होना चाहिए था, जबकि उसे भी अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में जोड़ दिया। यही नहीं, चुनाव के बाद किसी को यह भी नहीं दिखाया कि किसको कितने वोट मिले हैं। उन्होंने सभी बैलेट पेपर की जांच करवाने और चुनाव को रद करने की मांग की। वहीं, एसडीएम ने कहा कि सभी आरोप गलत है। नियमों के तहत ही वो¨टग करवाई गई है।

--सीडी का सच, ओपन में हुआ मतदान

निवर्तमान चेयरमैन द्वारा जारी सीडी में दिखाई दे रहा है कि ओपन में बैलेट बॉक्स रखवाया गया है। पार्षद भी ओपन में बैलेट पेपर पर लिखकर मोहर लगा रहे हैं। एक महिला पार्षद तो निर्वाचन अधिकारी से भी यह पूछ रही हैं कि यही लिखना है चेयरमैन के खिलाफ वोट देना है। सभी पार्षद बैलेट पेपर को नगरपरिषद कर्मचारी को सौंप रहे हैं।

--समय से पहले करवाई वो¨टग: मोर

कुर्सी से हटाए गए वाइस चेयरमैन कृष्ण मोर ने आरोप लगाया कि वो¨टग का समय 12 बजकर 10 मिनट था, जबकि निर्वाचन अधिकारी ने 11 बजकर 45 मिनट पर ही वो¨टग करवा दी। इससे कई पार्षद उनके पक्ष में वोट नहीं डाल पाए। मोर ने यह भी कि उनके पक्ष के पार्षदों को भी पुलिस ने नगरपरिषद कार्यालय के अंदर नहीं जाने दिया गया।

--वर्जन---

नरवाना नगरपरिषद के निवर्तमान चेयरमैन समेत सात पार्षद कुछ लोगों के साथ मिलने आए थे। उन्होंने शपथ पत्र दिया है और ओपन में मतदान करवाने के आरोप लगवाए हैं। मेरे पास मतदान प्रक्रिया की सीडी आ चुकी है। उसे देखकर एमसी एक्ट के तहत जो भी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी।