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वर्ष 2017 में जिले का ¨लगानुपात पहुंचा 920

 झज्जर : जनसंख्या नियोजन को लेकर सरकार की तरफ से अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसका फायदा जिला में बखूबी देखने को मिल रहा है।इन योजनाओं से ¨लगानुपात में भी काफी सुधार हुआ है। झज्जर जिले में वर्ष 2011 में हुई जनगणना के बाद छह साल में जनसंख्या को देखा जाए तो करीब साढ़े 43 हजार बढ़ोत्तरी हुई है। जनसंख्या नियोजन के क्षेत्र में सरकार हर जिले में रोजगार मुहैया करवाने के लिए रोजगार कार्यालय तो खोल हुए हैं, लेकिन इनके माध्यम से रोजगार काफी कम लोगों को मिल रहा है। हां, इनसे निजी कंपनियों व संस्थाओं में रोजगार के अवसर प्रदान हो रहे हैं। जबकि युवाओं में स्वयं रोजगार को लेकर उत्साह बढ़ता दिख रहा है। स्वयं रोजगार शुरू करने के लिए युवाओं को बैंकों से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि अनेक कंपनियां व सरकारी संस्थान भी क्षेत्र में आने से लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन रहे हैं। समय के बदलाव के साथ लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी कुछ हद तक लोगों को मिलने लगी हैं। चाहे वह बिजली पानी को लेकर हों या फिर यातायात की सुविधाएं हों। क्षेत्र में कई बड़ी कंपनियां व संस्थान आने से लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिले हैं। चाहे वह नौकरी के रूप में हों या फिर बेरोजगारों ने स्वयं रोजगार अपनाया हो। सरकार की तरफ से युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।

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¨लगानुपात में हुआ सुधार

वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार जिले का ¨लगानुपात देश में सबसे निचले पायदान पर था। लेकिन वर्ष 2016 के बीतने तक जिले का ¨लगानुपात बढ़ कर 884.5 हुआ था। जबकि वर्ष 2017 में जिले का ¨लगानुपात 920 पहुंच गया है। पिछले साल से ¨लगानुपात में काफी उछाल आया है। विभाग की तरफ से परिवार नियोजन के तहत नसबंदी व नलबंदी के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जबकि इस दिशा में समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। कई अस्पतालों में परिवार नियोजन के तहत ऑप्रेशन कैंप भी लगाए गए हैं। इसके लिए क्षेत्र में कार्यरत आशा वर्कर, स्टाफ नर्स आदि महिलाओं को जागरूक करती हैं।