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जिले के विद्यार्थियों का बढ़ रहा लर्निग लेवल

 फतेहाबाद: उपायुक्त डा. हरदीप ¨सह ने कहा कि शिक्षक का समाज में बड़ा अहम रोल है। शिक्षक को अपनी भूमिका साकारात्मक तरीके से निभाते हुए अपने क‌र्त्तव्य का पालन करना च

ाहिए। उपायुक्त लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में जिला के बीआरपी और एबीआरसी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सक्षम हरियाणा योजना की समीक्षा बैठक

को संबोधित कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि यह बड़ा ¨चता का विषय है कि विद्यार्थी को उसकी कक्षानुसार हमें उसके लर्निग लेवल को जांचना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए बच्चों के अभिभावक और शिक्षक दोषी है। दोनों ने अपने क‌र्त्तव्यों का पालन बखूबी नहीं निभाया है, इसी कारण यह समस्या उत्पन हुई है। इसके विभिन्न कारण रहे हैं, परन्तु हमें अब उन कारणों को दूर कर शिक्षा के स्तर को सुधारना होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा में नकल करने की प्रवृति ने समाज और शिक्षा को नीचे धकेलने का काम किया है। हमें उस प्रवृति को रोकना होगा और बच्चों को उनकी कक्षानुसार ज्ञान देना होगा।

--जाखल खंड में काम हुआ पूरा

डॉ. हरदीप ¨सह ने सक्षम हरियाणा योजना के जाखल खंड में पूरा हो जाने के बाद इसे जिला के शेष बचे खंड में शुरू करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा बनाई गई टीम 25 जनवरी तक खंड स्तर पर सर्वे का काम पूरा कर लें और जहां बच्चों के लर्निग लेवल में कमी है, उसे नोट करके खंड स्तर पर कार्य योजना बनाकर बच्चों के लर्निंग लेवल में सुधार के लिए काम करे। उन्होंने कहा कि जाखल खंड के स्कूलों में सक्षम हरियाणा योजना के तहत कार्य पूरा हो चुका है और इसका थर्ड पार्टी ऑडिट भी किया जा चुका है। अब हमें जिला के फतेहाबाद, रतिया, भूना, भट्टू, नागपुर तथा टोहाना के स्कूलों में बच्चों के कक्षानुसार ज्ञानवर्धन को सुधारना है। उपायुक्त ने कहा कि सरकार का यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है और अध्यापकों को भी अपने सतत प्रयास से इसे अमलीजामा पहनाना है। बच्चा दर्पण के समान होता है और उसे किसी भी छाया अनुरूप ढाला जा सकता है। इसलिए समाज में शिक्षक का रोल अह्म हो जाता है और अभिभावक के बाद शिक्षक बच्चे के चरित्र निर्माण में अह्म कड़ी है।

--लर्निंग लेवल बढ़ा

अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जेके आभीर ने बताया कि जिला में विद्यार्थी गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रम चलाया गया था और जिला ने इसमें बीड़ा उठाते हुए एक महत्वपूर्ण पहल

की थी। जिला में बच्चों को लर्निग लेवल 33 प्रतिशत सुधार कर 75 और 80 प्रतिशत किया गया है। जाखल खंड को हमने पहले चरण में शामिल भी कर लिया और अब हमें दूसरे चरण में जिला के सभी खंडों को शामिल करना है। उन्होंने कहा कि कक्षा 3, 5 और आठवीं तक के बच्चों को ¨हदी व गणित विषयों में उनकी कक्षा अनुसार दक्ष बनाना है। एडीसी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पहल थी और जिला के शिक्षकों के साथ-साथ अधिकारियों का भी सकारात्मक सहयोग इस अभियान में मिला। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अभियान आगे भी इसी प्रकार चलेगा और हम अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। बैठक में एसडीएम सरजीत नैन, डीईओ दयानंद सिहाग, डीईईओ संगीता बिश्नोई सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे।