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सरकारी फरमान से ईट भट्ठा उद्योग पर संकट, भट्ठा मालिकों में रोष

जिला ब्रिक क्लिन ऑनर्स एसोसिएशन की बैठक एक निजी होटल में हुई। बैठक में सरकार द्वारा भट्ठों के संचालन पर लटकाई गई तलवार को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान भीम झूंथरा ने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 13 जिले एनसीआर में हैं और सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद इन सभी जिलों में 30 सितंबर के बाद पुराने पैटर्न के भट्ठे नहीं चलेंगे तथा उनके स्थान पर हाई ड्राफ्ट भट्ठे विकसित किए जाएंगे। इस आदेश को लेकर हरियाणा सरकार ने शेष आठ जिलों के भट्ठों को लेकर भी यह फरमान जारी कर दिया है कि शेष आठ जिलों के सभी भट्ठे भी हाई ड्राफ्ट बनाए जाएंगे और उनके लिए समय सीमा भी 30 सितंबर की रखी गई है। सरकार द्वारा यह आदेश पारित होने में कुछ ही समय बचा है और उसके बाद 8 जिलों के भट्ठों के संचालन पर प्रश्न चिह्न लग जाएगा। इसके साथ ही भट्ठा संचालकों और उनसे जुड़े मजदूरों, ट्रैक्टर व रेहड़ा चालकों, राज मिस्त्री, मजदूरों आदि पर रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा क्योंकि सभी भट्ठे बंद हो जाएंगे और एक-एक ईंट के लिए मारा-मारी जैसा माहौल बन जाएगा। इतना ही नहीं हरियाणा के साथ लगने वाले राजस्थान और पंजाब के भट्ठों से महंगे दामों पर हरियाणा में ईंट आनी शुरु हो जाएंगी जिसका सीधा असर आम आदमी पर होगी। भीम झूंथरा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश केवल एनसीआर के लिए है इसलिए जो जिले एनसीआर में शामिल नहीं हैं उन पर नियम लागू नहीं किया जाना चाहिए। इस अवसर पर एसोसिएशन की ओर से संरक्षक मुरलीधर झूंथरा को शाल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बैठक में सचिव ओमप्रकाश मेहता, उपप्रधान भीम ¨सगला, कैशियर सुखप्रीत काका, प्रवीन ¨जदल, मदन नढा, सतपाल ¨सह नेहरु, सुरेश गोयल, रामलाल बंसल, बंसत गर्ग मौजूद थे।