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रोडवेज कर्मचारियों ने दो घंटे कामकाज छोड़ दिया धरना

भिवानी: केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए मोटर व्हीकल बिल के विरोध में रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति व राष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे विरोध प्रदर्शन किया और धरना दिया गया। इस दौरान धरने व विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता डिपो प्रधान हरज्ञान घणघस व राजकुमार दलाल न संयुक्त रूप से की। डिपो सचिव राजेश शर्मा ने संचालित किया। संघर्ष समिति के नेता ओमप्रकाश ग्रेवाल, नरेंद्र दिनोद, पवन शर्मा व जयबीर घणघस, ईश्वर तालु ने कहा कि केंद्र सरकार नए मोटर व्हीकल बिल को राज्यसभा में पास करवाना चाहती है, जबकि इस बिल के विरोध में दो बार राष्ट्रीय हड़ताल हो चुकी है । पूरे भारत वर्ष में सार्वजनिक परिवहन सेवा से जुड़े कर्मचारी, निजी ट्रांसपोर्टर, ऑटो चालक आदि इस बिल का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। यदि यह बिल राज्यसभा में पास हो गया तो नया कानून बनने पर परिवहन विभाग का पूर्ण निजीकरण का रास्ता साफ हो जाएगा व एक राज्य से दूसरे राज्य में लम्बी दूरी के रूट परमिट देने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होगा। बड़े पूंजीपतियों को हजारों परमिट दिए जाएंगे। इन रूटों पर बड़े पूंजीपति मनमर्जी का किराया यात्रियों से वसूलेंगे। इसके अलावा दुर्घटना होने पर चालक से लाखों रुपये जुर्माना व 6.7 वर्ष कार्य निजी कंपनियों को देने का प्रावधान होगा, मेट्रो की तर्ज पर परिचालक की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। इस बिल के पास होने पर सरकारी कर्मचारियों व आम जनता को भारी नुकसान होगा। किसी भी प्रकार का वाहन चलाने वाले पर छोटी से गलती होने पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान है। इसीलिए इस बिल को किसी भी सूरत में लागू नहीं होने दिया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में जगदीश सांगवान, जोगीराम शर्मा, सोनू, राजकुमार शर्मा, विजय, रमेश मान, राजेंद्र, इंद्र, रमेश धनाना, धर्मपाल, संजय, सत्यवान, विक्रम, धमेंद्र, रणबीर आदि शामिल रहे।