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खुले में शौचमुक्त अंबाला, शौचालयों पर लगा ताला

अंबाला शहर : खुले में शौचमुक्त अंबाला, शौचालयों पर लगा ताला। अंबाला जिले के खुले में शौचमुक्त अभियान के कुछ यही हकीकत है। जिलेभर में लाखों रुपये पानी की तरह शौचालय बनवाने पर बहा दिए गए लेकिन इनके रखरखाव की कोई व्यवस्था ही नहीं है। हालात ये हैं कि नए शौचालय तो बनवा दिए गए लेकिन पुराने शौचालयों की और निगम ने ध्यान देना बंद कर दिया। इसके अलावा जो नए शौचालय बनवाए गए हैं उनकी सफाई के हालत भी बेहतर नहीं हैं। यही कारण हैं कि हजारों लोगों को अभी भी मजबूरी वश खुले में शौच करने जाना पड़ता है।

बात करें अंबाला शहर की तो जंडली पुल उतरते ही बस अड्डे से पहले लंबे समय से किसी संस्था द्वारा महिला व पुरुषों के लिए दो शौचालयों को निर्माण कराया गया था लेकिन जैसे ही नगर निगम ने शहर में अपने शौचालय बनवाए वैसे ही इन शौचालयों पर ताला जड़ दिया गया। अब स्थिति यह है कि मुख्य सड़क पर होने के बावजूद यह शौचालय पिछले करीब 4 माह से बंद पड़े हैं। बात दें कि इसके नजदीक ही जंडली बस अड्डा और ऑटो स्टैंड है। इसके अलावा जंडली फाटक की ओर जो घर बनाए हैं वह भी बीपीएल परिवारों के हैं ऐसे में शौचालय बंद होने से इन्हें भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि डीसी कार्यालय में बनाया गया महिला शौचालय भी लंबे समय से बंद पड़ा है। इस पर भी ताला लटका हुआ है। ऐसी ही स्थिति विभिन्न स्थानों की है।

चुरा ली गई टंकी व अन्य सामान

बराड़ा अनाज मंडी की बात करें तो यहां पर चार शौचालय बनवाए गए थे लेकिन कुछ ही समय बाद इनकी निगरानी नहीं होने के कारण चोरों ने इनकी टैंकी तक को उतार लिया। रही सही कसर व्यवस्था नहीं बना पाने के कारण पूरी हो गई। क्योंकि इनमें सफाई नहीं होने के कारण इन्हें तोड़ दिया गया। इनमें से दो को अब नगरपालिका चालू करा चुकी है जबकि दो आज तक कंडम हैं।

रेलवे स्टेशन की दीवार बनी शौचालय

दिल्ली से अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर जैसे ही बसें रुकती हैं। वहीं पर रेलवे स्टेशन की दीवार है। इस दीवार को जनता शौचालय के रूप में प्रयोग कर रही है। हालत यह है कि जैसे ही बसें यहां रुकती हैं शौच के लिए लोग खड़े हो जाते हैं। एक साल से ज्यादा समय से यहां ऐसा ही चल रहा है, लेकिन इस तरफ प्रशासन का कोई ध्यान आजतक नहीं गया। हालांकि इस दीवार के साथ रेलवे का शौचालय भी है लेकिन इसे कोई-कोई इस्तेमाल करता है।