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बोगस री¨डग से बना डाले 13 हजार उपभोक्ता के बिल

अंबाला उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) की एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड (एनवाइजी) एजेंसी ने ट्विन सिटी के बिजली के उपभोक्ताओं को रुला दिया है। अंबाला जिले में यूएचबीवीएन की 9 सब डिविजनों में करीब 13 हजार बिजली के उपभोक्ताओं के बोगस री¨डग डालकर बिल तैयार कर दिए गए हैं। इनमें ऐसे उपभोक्ता भी शामिल हैं जिनका पता न तो एजेंसी को मिल पाया है और न बिल भेजे गए हैं। इसीलिए डिवीजन के मुखिया यानी एसडीओ से लेकर चार्टर्ड अकाउंटेट (सीए) तक परेशान हैं और प्रत्येक सब डिवीजन ने एजेंसी के इन काले चिट्ठों को तैयार कर लिया है। वहीं बिजली के उपभोक्ता रोजाना बिजली के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। एनवाइजी एजेंसी का तर्क सुनकर बिजली निगम के अधिकारी भी हैरान है। उसका कहना है कि उन्हें कई बिजली के उपभोक्ता के घर और एड्रेस नहीं मिले हैं। यह तर्क निगम अधिकारियों के गले नहीं उतर रहा है, क्योंकि एजेंसी ने सबसे पहले अंबाला जिले का सर्वे किया है। सर्वें के मुताबिक 2.30 लाख उपभोक्ताओं के घरेलू और व्यावसायिक शहरी अर्बन मीटर को खोजा गया है और उसका रिकार्ड तैयार किया जा चुका है।

अधिभार का जिम्मेदार कौन

एजेंसी की लापरवाही के चलते जिन लोगों ने बिजली का बिल समय पर नहीं भर पाया है। उनसे बिजली निगम अपने नियम के मुताबिक कुल रकम पर जुर्माना लगा देता है। यदि 14 हजार रुपये का बिल है तो उस पर बिजली निगम अधिभार यानी जुर्माना 203 रुपये वसूल करता है। 13 हजार बिजली के उपभोक्ताओं को कम से कम 50 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। हिसाब किताब लगाया जाए तो एजेंसी की लापरवाही से बिजली निगम को 7 लाख का फायदा होगा। नुकसान उपभोक्ता को उठाना पड़ेगा।