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वेस्ट कचरा प्रबंधन के लिए करनाल में लगा देश का पहला युनिक प्रोजेक्ट

करनाल 05 जनवरी:   हरियाणा सरकार द्वारा करनाल में देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट  बनाया गया है जो बिना जलाएं कचरे व अन्य वेस्ट से सीएनजी तैयार करने और सीएनजी से बिजली बनाने का कार्य करेगा। इस प्रोजेक्ट के लगने से  पराली को जलाने की समस्या से निजात मिलने के साथ-साथ  शैल्टर हाऊस, नगर निगम, बागवानी व गोबर इत्यादि वेस्ट का प्रबंधन हो सकेगा।
 
नगर निगम करनाल द्वारा इस प्रोजेक्ट पर करीब एक करोड रुपये की राशि खर्च की गई है। यह प्रोजेक्ट आगामी 15 जनवरी से कार्य करने शुरू कर देगा। यह प्रोजेक्ट भारत देश का एक युनीक प्रोजेक्ट है, ऐसे प्रोजेक्ट प्रदेश के अन्य जिलों में भी लगाए जाएगें। 
 
यह जानकारी हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने  स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दी । इस समीक्षा बैठक में  उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों के लिए खाद वितरण के लिए चलाई जा रही डीबीटी योजना तथा करनाल स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के बारे में सम्बन्धित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों  को चलाई जा रही योजनाओं को तत्परता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
 
इस  बैठक में वेस्ट टू फ्यूल परियोजना के सीईओ अतुल सक्सेना ने बताया कि धान के हर सीजन में करीब 10 लाख टन पराली जलाई जाती है जोकि पर्यावरण के लिए बहुत बडा खतरा है, इस समस्या से निजात पाने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा यह प्रोजेक्ट लगवाया गया है। इस प्रोजेक्ट से चालू होने से 50 हजार टन सीएनजी तैयार होगी तथा 2 लाख टन बायो फर्टिलाईजर प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि करनाल जिला में इस प्रोजेक्ट के द्वारा एक हजार किलो गैस, दो हजार किलो बायो फर्टिलाईजर तथा 3 हजार युनिट बिजली प्रतिदिन तैयार होगी, जिसे नगर निगम शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रयोग कर सकेगा।