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कुर्सी की दौड़ में ही उलझी रही शहर की सरकार

जींद : नगर परिषद में सालभर कुर्सी की लड़ाई चलती रही और शहर की सफाई व्यवस्था पर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। हद तो यह हो गई कि शहर की समस्याओं और योजनाओं पर चर्चा करने के हर महीन हाउस की मी¨टग होनी चाहिए, लेकिन सालभर में मात्र तीन मी¨टग हुईं। इनमें भी किसी मी¨टग के एजेंडे में सफाई को शामिल नहीं किया गया। किसी भी अधिकारी और पार्षद ने भी सफाई के मुद्दे पर चर्चा नहीं की।

स्वच्छता सर्वेक्षण नजदीक आने पर नगरपरिषद की नींद खुली और एकाएक शहर में सफाई के होर्डिग लगवा दिए। करीब एक सप्ताह पहले बाजार में रात के समय सफाई शुरू की गई। पिछले साल जनवरी में सर्वे हुआ था। उसके बाद मार्च, जून और जुलाई में ही मी¨टग हुई। जून में हुई मी¨टग में सफाई का एजेंडा शामिल किया गया था, लेकिन किसी भी पार्षद ने शहर में सफाई के हालातों पर आवाज नहीं उठाई। सभी अपनी ही राजनीति में ही उलझे रहे।

सफाई का टेंडर भी चढ़ा राजनीति की भेंट

अगस्त में सफाई का ठेका पूरा हो चुका है, जिसके बाद नगर परिषद नए सिरे से ठेका भी नहीं कर सकी है। नगर परिषद ने तब सफाई के लिए टेंडर लगाए थे, लेकिन विरोधी पार्षदों ने टेंडर में प्रस्तावित बजट में धांधली होने का आरोप लगाते हुए डीसी को शिकायत कर दी। जांच के बाद टेंडर को रद करके नए सिरे से टेंडर करने के निर्देश दिए गए।

सर्वे का समय आया, तो पार्षदों ने उठाया सफाई का मुद्दा

पूरे साल सफाई व्यवस्था पर चुप्पी साधने वाले पार्षदों ने जब सर्वे का समय आया, तो सवाल उठाने शुरू कर दिए। सर्वे टीम आने से दो दिन पहले डीआरडीए हाल में बुलाई गई मी¨टग में 31 में से केवल 11 पार्षद ही पहुंचे। उन पार्षदों ने अपने वार्डो में सफाई कर्मचारी नहीं आने का रोना रोते हुए सर्वे से अपना पल्ला झाड़ लिया।

केवल 534 ने ही डाउनलोड की स्वच्छता एप

सर्वेक्षण के कुल 4000 अंक के मूल्यांकन में अकेले जनभागीदारी के 35 प्रतिशत अंक हैं। इसमें स्वच्छता मैप के अंक भी मिलने हैं। अब तक शहर में केवल 534 लोगों ने ही स्वच्छता मैप ही डाउनलोड की है, जबकि यह आंकड़ा कम से कम तीन हजार होना चाहिए था। यह आंकड़ा दर्शाता है कि शहर के लोग सफाई के प्रति कितने जागरूक हैं। स्वच्छता मैप पर गंदगी की फोटो खींच कर अपलोड करनी होती है, जिसके बाद नगर परिषद वहां पहुंच कर सफाई कराती है।

सर्वे टीम ने पहले कार्यालय में जांचा रिकॉर्ड, आज लेगी फीडबैक

जींद : शहर में सफाई व्यवस्था जांचने के लिए केंद्र से सर्वे टीम बृहस्पतिवार को तीन दिन के दौरे पर पहुंच चुकी है। पहले दिन टीम ने नगर परिषद कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच की और अधिकारियों से जानकारी लेकर रिकॉर्ड लिया। शुक्रवार को टीम फील्ड में जाकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेगी और लोगों से फीडबैक लेगी। स्वच्छता भारत मिशन के तहत केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कराया जा रहा सर्वे 4 जनवरी से शुरू हुआ है। प्रदेश में जींद समेत चार शहरों से इसकी शुरुआत बृहस्पतिवार से हो चुकी है। जींद पहुंची सर्वे टीम में वरिष्ठ मूल्यांकन कर्ता मंधीर सैन व कनिष्ठ मूल्यांकन कर्ता अनिल कुमार दो सदस्य शामिल हैं। सर्वे टीम ने कार्यालय में डॉक्यूमेंट की जांच कर सफाई कर्मियों की संख्या, उनमें कितने नियमित हैं, कितने आउट सोर्सिग पर हैं के अलावा कूड़ा उठाने के संसाधनों की जानकारी जुटाई। इस रिकॉर्ड को सर्वे टीम अपने साथ लेकर जाएगी। इस दौरान नगर परिषद के ईओ डॉ. एसके चौहान, एमई सतीश गर्ग, मुख्य सफाई निरीक्षक बलबीर श्योकंद, सफाई निरीक्षक अशोक सैनी मौजूद रहे।