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डीआरएम ने दिल्ली-ब¨ठडा रेल मार्ग के विद्युतीकरण का किया निरीक्षण

जींद : दिल्ली-ब¨ठडा रेल मार्ग के विद्युतीकरण कार्य का किया निरीक्षण के लिए डीआरएम आरके ¨सह सुबह 11 बजे के करीब जींद रेलवे जंक्शन पर पहुंचे। वह करीब दो मिनट तक यहां रुके और अधिकारियों से जानकारी हासिल की। इसके बाद वह अपने निरीक्षण के दौरान उचाना व नरवाना की और रवाना हुए। हालांकि नरवाना तक विद्युतीकरण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है।

नरवाना से आगे चल रहे विद्युतीकरण के कार्य को लेकर उन्होंने सुबह ही निरीक्षण किया। जिसमें उसमें उन्होंने सब कुछ ठीक पाया। वह वापसी में देर शाम रन थ्रू जींद से होते हुए वापस दिल्ली की और रवाना हुए। पंजाब की और निरीक्षण करने से पहले वह नरवाना में लोगों से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं को सुन रेलवे अधिकारियों को दूर करने के निर्देश भी दिए।

अब सीआरएस का होगा दौरा

दिल्ली-ब¨ठडा रेल मार्ग के चल रहे विद्युतीकरण कार्य का एक और चरण पूरा हो गया है। 127 किलोमीटर लंबे नरवाना से पंजाब के गांव कटार ¨सह वाला तक रेल सेक्शन का विद्युतीकरण हो गया है। इसके बाद अब कटार ¨सह वाला से ब¨ठडा तक के 7 किलोमीटर लंबे रेलवे सेक्शन का विद्युतीकरण होना बच जाएगा। इस सेक्शन के विद्युतीकरण के लिए भी इन दिनों जोरों पर काम चला हुआ है। इसी माह में सीआरएस का दौरा कभी हो सकता है। हालांकि उनके दौरे को लेकर अभी तक कोई तिथि निर्धारित नहीं हो पाई है।

दिल्ली से लहरा मोहब्बत तक होना है विद्युतीकरण

नई दिल्ली से ब¨ठडा तक रेलवे लाइन के विद्युतीकरण कार्य को रेलवे ने चार चरणों में पूरा करना था। शुरुआत में दिल्ली से रोहतक तक के रेलवे सेक्शन का विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया। इसके बाद रोहतक से जींद तक के रेलवे सेक्शन का विद्युतीकरण कार्य पूरा किया गया और साल 2017 में 16 मार्च को सीआरएस ने इसका निरीक्षण करने के बाद इस ट्रेक पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलवाई थी। इसके बाद तीसरे चरण में जींद से नरवाना रेलवे सेक्शन का विद्युतीकरण कार्य पूरा था। अब कटार ¨सह वाला से ब¨ठडा और इससे 25 किलोमीटर आगे लहरा मोहब्बत स्टेशन तक के रेलवे सेक्शन का काम पूरा होना बचा है। पहले इस कार्य को पूरा करने का समय दिसंबर 2017 तक निर्धारित किया गया था। लेकिन अब यह कार्य फरवरी 2018 तक ही पूरा हो पाने की उम्मीद है।

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दिल्ली-भ¨ठडा रेल मार्ग के विद्युतीकरण का डीआरएम द्वारा निरीक्षण किया गया है। वह यहां जींद जंक्शन पर थोड़ी ही देर रुके थे। उनको आगे नरवाना से पंजाब की और निरीक्षण करना था। रोहतक से जींद व नरवाना तक विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा हो चुका है। जल्द ही लोगों को बिजली की ट्रेनों की सुविधा मिलने की संभावना है।