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गुरु को बना दिया गेस्ट, कैसे होगी शिक्षा प्रणाली बेस्ट: दुष्यंत

 हिसार : हमारे देश में शिक्षक को गुरु का दर्जा प्राप्त है, सरकार ने उनको गेस्ट बनाने का काम किया है। ऐसे में शिक्षा का स्तर कैसे बेस्ट होगा? जब तक शिक्षक के ऊपर नौकरी जाने की तलवार लटकी रहेगी तब तक वह अच्छी परफॉर्मेंस नहीं दे सकता। इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि हरियाणा ही नहीं पूरे देश में जितने भी गेस्ट टीचर लगे हुए हैं उनको एक पॉलिसी बना कर नियमित किया जाए ताकि शिक्षा का स्तर और अधिक अच्छा हो। यह मांग हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने वीरवार को लोकसभा में उठाई।

सांसद चौटाला ने मानव संसाधन विकास मंत्री से मांग की कि इन गेस्ट टीचरों के लिए जिन्होंने 5 साल या इससे अधिक सेवाएं सरकारी स्कूलों में दी हैं, उनको चाहे सर्व शिक्षा अभियान के तहत या अन्य किसी पॉलिसी के तहत नियमित किया जाए। सांसद चौटाला ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि देश के भिन्न-भिन्न प्रदेशों में सरकारी शिक्षक लगाने की बजाय गेस्ट टीचर भर्ती किए जा रहे हैं। हरियाणा में इनको जहां गेस्ट टीचर कहा जाता है तो राजस्थान में शिक्षामित्र के नाम से जाना जाता है इसी तरह प्रदेश के अन्य प्रदेशों में अलग अलग नाम से गेस्ट टीचरों को जाना जाता है। सांसद चौटाला ने कहा कि कई प्रदेश ऐसे हैं जहां पर नियमित शिक्षक की बजाय गेस्ट टीचर अधिक है। सांसद चौटाला ने कहा कि नियमित शिक्षक जहां पर 40000 तक की सैलरी प्राप्त करते हैं वही गेस्ट टीचर को मात्र 18 से 21000 रुपये मिलते हैं। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर अपनी नौकरी को लेकर हर समय तनाव में रहता है कि क्या पता उसकी कल नौकरी रहे ना रहे, जिस कारण उसका असर शिक्षा पर भी पड़ता है।

सांसद चौटाला ने केंद्र सरकार से मांग की कि देशभर में जहां पर भी पांच-पांच साल से जो गेस्ट टीचर लगे हुए हैं और उनको रेगुलर नहीं किया गया उनके लिए एक पॉलिसी बनाई जाए।