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हरीश बेकरी फाय¨रग: तीन आरोपी गिरफ्तार

 गुरुग्राम: ओल्ड दिल्ली रोड स्थित हरीश बेकरी में घुस कर कैशियर पर फाय¨रग कुख्यात गैंगस्टर अशोक राठी ने ही कराई थी। मामले से जुड़े तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरी सच्चाई सामने आई है। फाय¨रग कराने का मकसद रंगदारी वसूलने के लिए दहशत फैलाना था। गिरफ्तार बदमाशों में वह बदमाश भी शामिल है, जो राठी के इशारे पर योजना बनाकर बदमाशों की ड्यूटी लगाता था। तीनों बदमाश झज्जर जेल में बंद अशोक राठी गैंग के शूटर हैं। उनके कब्जे से तीन अवैध हथियार बरामद हुए हैं।

गत 13 दिसंबर को दोपहर में बाइक से दो युवक सेक्टर सात के सामने स्थित हरीश बेकरी पहुंचे थे। एक युवक बाहर बाइक स्टार्ट करके खड़ा रहा, जबकि दूसरा कैशियर के काउंटर तक पहुंचा। पहुंचते ही उनसे एक पर्ची दी, जिसमें 50 लाख रुपये रंगदारी देने की बात लिखी थी। पर्ची देने के साथ ही युवक ने कैशियर के ऊपर गोली चला दी। गोली उसकी हथेली में लगी थी। मामले की जांच व आरोपियों को पकड़ने की जिम्मेदारी अपराध शाखा सेक्टर 39 को सौंपी गई थी। कामयाबी तीन जनवरी की रात मिली।

राजीव चौक के नजदीक से मास्टरमाइंड सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान गुरुग्राम जिले के गांव इस्लामपुर निवासी सुरेंद्र उर्फ सुंदर, इसी गांव के रहने वाले धर्मेंद्र उर्फ धीरज एवं रेवाड़ी के गांव मुंडिया खेड़ा निवासी नीरज उर्फ बाबा के रूप में हुई। इनमें सुरेंद्र मास्टरमाइंड है जो जेल में बंद गैंगस्टर अशोक राठी के इशारे पर बाहर योजना बनाता था। उसी ने योजना बनाकर हरीश बेकरी में धर्मेंद्र एवं नीरज को भेजा था।

राठी के साथ दो अन्य गैंगस्टर भी शामिल

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि हरीश बेकरी से रंगदारी मांगने के मामले में गैंगस्टर अशोक राठी के अलावा गैंगस्टर अनिल कुकड़ौला एवं धीरज नखड़ौला भी शामिल थे। तीनों की अच्छी बनती है। पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि तीनों बदमाश आगरा हाईवे पर भी एक हत्या में शामिल हैं। उस मामले में अनिल कुकड़ौला के कहने पर राजस्थान के धौलपुर में एक कारोबारी से 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने के लिए बाइक से जा रहे थे। आगरा हाईवे पर उनकी बाइक खराब हो गई थी। इसके बाद सामने से गुजर रहे एक युवक की बाइक छीनने का प्रयास किया था। बाइक पर दो युवक सवार थे। युवकों ने जब विरोध किया तो बदमाशों ने गोली चला चला दी थी, जिससे एक युवक की मौत हो गई थी। इस बारे में आगरा के मालपुरा थाने में मामला दर्ज है।

बच गया गुरुग्राम में एक अखबार का एजेंट

तीनों को गुरुग्राम में अखबार बंटवाने वाले एक एजेंट को गोली मारने के लिए भी कहा गया था। उससे रंगदारी मांगी गई थी। नहीं मिलने पर उसकी हत्या का प्लान बनाया गया था। इससे पहले ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में पुलिस उपायुक्त (अपराध) सुमित कुमार ने क्राइम ब्रांच सेक्टर 39 की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि टीम ने पहले गैंगस्टर अशोक राठी को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की फिर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों कई बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। राठी गैंग के शूटर धर्मेंद्र व नीरज किसी बड़ी वारदात में पुलिस के सामने नहीं आए। इस वजह से चेहरे की पहचान हो जाने के बाद भी गिरफ्तारी में समय लग गया।