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सार्वजनिक नहीं हो पाई प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची

रेवाड़ी : राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सूची सार्वजनिक नहीं हो पाई है। राहुल गांधी के नाम का प्रस्ताव भेजने के लिए गत वर्ष नवंबर में यह सूची सार्वजनिक की गई थी, लेकिन विवाद उठने पर संशोधन की बात कहकर कांग्रेस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। सूत्रों के अनुसार अब यह सूची फाइनल हो चुकी है, लेकिन सार्वजनिक नहीं की जा रही है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता नाम न छापने की शर्त पर यह दावा कर रहे हैं सूची में उनके समर्थकों के नाम सबसे अधिक है, लेकिन एक-दूसरे के नामों को गलत ठहराने में भी कोई पीछे नहीं है।

विपक्ष की राजनीति कर रही कांग्रेस में इस समय पदों को लेकर भारी मारामारी है।

उच्च स्तर की राजनीति कर रहे वरिष्ठ नेताओं में किसी को जहां दिल्ली में राहुल की टीम से जुड़ने की फिक्र है तो किसी को प्रदेश में ताज पाने की, लेकिन दूसरी पंक्ति के नेताओं को संगठन में अधिक से अधिक पीसीसी मेंबर व जिला प्रधान बनवाने की ¨चता है। सूत्रों के अनुसार शिखर की राजनीति (टीम राहुल) में अहीरवाल के हाथ खाली रह सकते हैं, लेकिन अहीरवाल में भाजपा की ताकत को देखते हुए

पार्टी किसी एक नेता को ऐसी जिम्मेदारी अवश्य देगी, जिससे अहीरवाल की अनदेखी का आरोप लगने से बचा जा सके। फिलहाल वरिष्ठता के लिहाज से लालू यादव के समधी कैप्टन अजय ¨सह यादव संगठन में ताकत के लिए अंदरखाने पूरा प्रयास कर रहे हैं, लेकिन रोहतक के ताकतवर नेता भी राजनीति में पीएचडी हैं। हिसार, भिवानी व सिरसा से हाथ मिलाकर रोहतक के नेता किसी को भी मात दे सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली दरबार प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं को साधने की रणनीति पर आगे बढ़ेगा। जो वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय संगठन में एडजस्ट नहीं हो पाएंगे, उनको टीम हरियाणा में एडजस्ट किया जाएगा। फिलहाल कांग्रेसियों को सबसे अधिक इंतजार इस बात का है कि प्रदेश व जिले की कमान किसके हाथ में होगी, क्योंकि लंबे समय से उनकी यह जिज्ञासा दूर नहीं हो पाई है। अगर अध्यक्ष बदला तो सीएलपी लीडर बदलना तय है। तब प्रादेशिक संगठन में बड़ा बदलाव होगा।