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अधिग्रहीत सैकड़ों एकड़ जमीन पर निडरता से हो रही है खेती

 रेवाड़ी : दबंगों की दादागिरी कहें या बाबुओं की दलाली। अफसरों की चुप्पी कहें या मिलीभगत का खेल। लेकिन यह हकीकत है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की सैंकड़ों एकड़ जमीन पर फसलें लहलहा रही है। यह काम आज से नहीं बल्कि पिछले एक दशक से चल रहा है।

कोई हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर दलाली का आरोप लगा रहा है तो कोई इसी विभाग के कर्मचारियों पर। किसी का यह कहना है की ताकतवर लोग सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर खुलेआम खेती कर रहे हैं तो किसी का यह कहना है कि जिनकी जमीन थी वही जमींदार कुछ दबंग लोगों को दलाली देकर खेती कर रहे हैं। कुछ का यह भी कहना है कि प्राधिकरण के अधिकारी सुविधा शुल्क लिए बिना सिर्फ उन किसानों पर उदारता दिखा रहे हैं, जो इस समय खेती कर रहे हैं। बहरहाल मामला कुछ भी हो, लेकिन रेवाड़ी के सेक्टर 18, 19 व अन्य स्थानों पर स्थित सरकारी जमीन पर जिस तरह से खेती हो रही है, उससे आरोपों की जांच जरूरी है।

प्राधिकरण के अधिकारियों को खुद पर उठ रही उंगली से बचने के लिए खुद ही जांच की पहल करनी चाहिए अन्यथा दाल में काला होने की चर्चा रूक नहीं पाएगी। पदैंयावास के एक किसान रामचंद्र ने तो शहरी संपदा विभाग के महानिदेशक को पत्र भेजकर पूरे मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं