News Description
अतिक्रमण हटाने के नाम पर मंदिर के भवन को गिराना निंदनीय

भिवानी : बीते दिनों शहर के सिद्ध पीठ बाबा लोहड़ पीर के मंदिर के भवन को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर गिराना ¨नदनीय है। जिसे संत व भक्त समाज सहन नहीं करेगा यह कहना है। अंतरराष्ट्रीय संत दशनाम जूना अखाड़ा के श्रीमहंत व सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम के पीठाधीश्वर महत डा. अशोक गिरी का। उन्होंने कहा कि हम शहर में साफ सफाई व सौंदर्यीकरण के पक्षधर है और प्रशासन को हर तरह की मदद करने के लिए भी अग्रसर है पर प्रशासन ने पहली शुरूआत में ही नगर को बसाने वाले नगर पिता के नाम से शहर के लोगों के दिलों में जगह रखने वाले लोहड़ पीर से शुरूआत करना ¨हदू धर्म की आस्था पर प्रहार है। हम प्रशासन से मांग करते है कि पहले शहर की सरकारी जगहों व अन्य जोहड़ों व बावड़ियों पर बने व्यापारिक व रिहायशी इमारतों को हटाए। हम प्रशासन के साथ धार्मिक स्थलों के नाम पर अवैध कब्जों हटाने में सहयोग करेंगे । इस अवसर पर बाबा बंसी गिरी, बाबा भूप गिरी, घनश्याम यति, रवि शर्मा, पारस डालमिया, पूर्व प्रधान कृष्ण वर्मा, बृजपाल ¨सह, जगत ¨सह, जगदीश, गोपाल तंवर, अशोक, राजू, जितेंद्र आदि अन्य भक्त मौजूद थे।