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संकट चौथ पर्व आज, पुत्र की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखेंगी माता

 बहादुरगढ़:संकट चौथ एक महत्वपूर्ण पर्व है, इसमें विवाहित महिलाएं उपवास रखती हैं। यह उपवास माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन किया जाता है। इसे तिल चौथ या माहि चौथ भी कहा जाता है। इस दिन श्री गणेश जी ने देवताओं की मदद कर उनके संकट को दूर किया था। इसके बाद भगवान शिव ने गणेश जी को आशीर्वाद दिया था कि आज से हर माघ माह की चौथ को संकट मोचन के रूप में मनाया जाएगा। जो भी व्यक्ति इस पर्व को करेगा, उसके सभी संकट दूर हो जाएंगे। कई स्थानों पर वक्र तुंडी चतुर्थी माही चौथ, तिलक चौथ के नाम से भी जानी जाती है। इस दिन किया बुद्धि संकट हरण श्री गणेश जी की चंद्र की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से अनेक प्रकार के दुख दूर होते हैं और इच्छाएं पूरी होती हैं।

2018 में संकट चौथ व्रत मुहूर्त

नव वर्ष में संकट चौथ 5 जनवरी शुक्रवार को मनाया जाएगा। चंद्रमा निकलने का समय रात 9.27 बजे है। चतुर्थी तिथि बृहस्पतिवार 9.37 बजे लग गई और 5 जनवरी शाम 7 बजे समाप्त हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार जिस तिथि में सूर्य उदय होना है, उस तिथि को लेना चाहिए इसलिए चतुर्थी तिथि संकट चौथ पर्व 5 जनवरी को मनाया जाएगा।

ऐसे करें पूजा

ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार इस दिन व्रत करके ऊं गणपतये नम: का मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। रात को गणेश जी चंद्र को लड्डूओं सहित पूजा करके चंद्र उदय होने पर ऊं सोम सोमाय नम: का अ‌र्घ्य देना चाहिए।