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पांच करोड़ जमा कराने के बाद भी नहीं बने 11 बिजली सब स्टेशन

नारनौल : नहर विभाग द्वारा नहरों पर विद्युत सब स्टेशनों के निर्माण एवं मरम्मत के लिए गत वर्ष जुलाई में पांच करोड़ जमा कराने के बावजूद बिजली निगम कार्ययोजना को तीन माह के निर्धारित समय में पूरा करने में नाकाम रहा है। इससे न केवल नहर विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि कार्ययोजना के पूर्ण होने पर लाभान्वित होने वाले किसानों को फसली नुकसान का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

बता दें कि हरियाणा सरकार ने नारनौल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी एवं दादरी की नहरों की मरम्मत करने एवं इनकी बिजली आपूर्ति करने के लिए करीब 147 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की थी। इस योजना के तहत नारनौल के नहर विभाग को करीब 15 करोड़ रुपये का बजट मिला था। इस बजट में से पांच करोड़ रुपये पिछले वर्ष जुलाई 2017 में नहर विभाग ने बिजली निगम को दिए थे। निगम द्वारा नहरों पर नए 33 केवी के 10 नए विद्युत सब स्टेशन तैयार करने एवं पुरानों की मरम्मत करने पर खर्च किया जाना था। जुलाई में राशि जमा कराते वक्त निगम को तीन माह का लक्ष्य दिया गया था। मगर बिजली निगम इस अवधि में अनुमानित बजट मिलने के बावजूद कार्ययोजना को सिरे नहीं चढ़ा सका, जबकि जुलाई से अब तक दोगुना समय बीत चुका है। कार्ययोजना पूर्ण नहीं होने के चलते नहर विभाग को बिजली कटों का खामियाजा अब भी पहले की भांति ही वहन करना पड़ रहा है। इससे नहरों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है

मंगलवार-बुधवार मध्य रात्रि को करीब 11 बजकर 40 मिनट पर तकनीकी फाल्ट के कारण नहर की पावर सप्लाई में अचानक कट लग गया था। बिजली निगम इस कट को रात्रि को ही दूर करने में असफल रहा। प्रात:काल को करीब 8 बजे पावर सप्लाई चालू हो पाई। मगर इसके बाद नहर में पानी रोक दिया गया। नहर में पानी रोकने का खामियाजा नहर विभाग के साथ-साथ जलापूर्ति योजनाओं एवं किसानों को भी उठाना पड़ा