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मुनीम की हत्या के बाद आंध्रा बैंक को लूटने की बनाई थी योजना

जींद : शहर के नरवाना रोड पर 26 दिसंबर को पोल्ट्री व्यवसायी के मुनीम चंद्रपाल की हत्या कर 22 लाख रुपये लूटने के मामले में रिमांड पर चल रहा आरोपी शिवपुरी कालोनी निवासी प्रदीप रोज नए-नए रहस्योद्घाटन कर रहा है। आरोपी ने बताया किया है कि मुनीम की हत्या की वारदात सफल होने के बाद उन्होंने हुडा ग्राउंड स्थित आंध्रा बैंक की शाखा लूटने की साजिश रची थी।

प्रदीप ने लूट की इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी शिवपुरी कालोनी निवासी मनजीत, कृष्ण व बिशनपुरा गांव निवासी सुरेंद्र व नरवाना रोड निवासी मुकेश के साथ पूरा प्लान तैयार कर लिया था। मुनीम की हत्याकांड का मामला थोड़ा सा शांत होते ही बैंक में बड़ी वारदात को अंजाम देना था। वारदात में शामिल सभी आरोपी पहले भी लूटपाट की वारदात में शामिल रहे हैं। अब उसे करोड़ों रुपये लूटने का इरादा था, लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ते ही उनका पूरा प्लान फेल हो गया। आरोपी प्रदीप ने बताया कि आंध्रा बैंक की उक्त शाखा में अधिकतर पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों के खाते हैं और उनकी नजर पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़े लोगों की नकदी पर रहती थी। जब दूसरे पोल्ट्री व्यवसायी इस बैंक में पैसे जाम कराने के लिए आते थे, तब आंध्रा बैंक को ही लूटने का प्लान तैयार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में मुनीम चंद्रपाल की नकदी लाने की मुखबरी कराने वाले नरवाना रोड निवासी मुकेश और वारदात में प्रयोग करने वाले हथियार उपलब्ध कराने के आरोपी बिशनपुरा गांव निवासी सुरेंद्र को गिरफ्तार किया है। इस मामले में आरोपियों को भगाने में सहयोग करने वाली सेक्टर 11 निवासी पूजा वर्मा सहित चार लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि वारदात में शामिल शिवपुरी कालोनी निवासी मनजीत और कृष्ण फिलहाल फरार चल रहे हैं। उनको गिरफ्तार करने लिए पुलिस की टीमें उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

मुनीम की हत्या करने वाले बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। आंध्रा बैंक की शाखा में किसी बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने की प्ला¨नग बनाई थी। बैंक से लूट से पहले उन्होंने मुनीम की हत्या कर 22 लाख रुपये लूट लिए। इस मामले में अब तक चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।