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सुंदरकांड पाठ से मिलता है आत्मबल

 झज्जर : सुन्दरकांड का पाठ करने से पहले ये मन में विश्वास रखे की जैसे हनुमानजी ने श्री राम जी के सब काज सवारे हमारे भी सब कष्ट हरेंगे। यह बात बाबा प्रशाद गिरी जी मंदिर के महंत परमानंद गिरी जी महाराज ने शहर की पंजाबी धर्मशाला में आयोजित सुंदरकांड पाठ के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने संगीतमय माहौल में भगवान श्री बाला जी महाराज के निमित यह पाठ किया। सिद्धि विनायक म्यूजिकल ग्रुप की ओर से हनुमान जी के भक्तों ने भजनों का भी खूब आनंद उठाया। मंगलवार देर रात आयोजित हुए कार्यक्रम के बाद भंडारे का आयोजन भी किया गया। जिसमें सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रशाद ग्रहण किया।

महंत परमानंद जी ने कहा कि सुंदरकांड में तीन श्लोक, साठ दोहे तथा पांच सौ छब्बीस चौपाइयां हैं । साठ दोहों में से प्रथम तीस दोहों में विष्णुस्वरूप श्री राम के गुणों का वर्णन है । सुंदर शब्द इस कांड में चौबीस चौपाइयों में आया है । सुंदरकांड के नायक रूद्रावतार श्रीहनुमान हैं ,सुन्दरकाण्ड के पाठ से बहुत सारे लाभ होते है। हर वर्ग के लिए इस पाठ के अलग-अलग मायने निकलकर सामने आते है। इसका पाठ करने से विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलता है। ये आत्मविश्वास में बढोत्तरी करता है और परीक्षा में अच्छे अंक लाने में मददगार होता है, बुद्धि कुशाग्र होती है, अगर बहुत छोटे बच्चे है तो उनके माता या पिता उनके लिए इसका पाठ करें। इसका पाठ मन को शांति और सुकून देता है मानसिक परेशानियों और व्याधियों से ये छुटकारा दिलवाने में कारगर है। हनुमान भक्त न्यू फैशन टेलर वाले संटी तलवार ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन शहर के सभी हनुमान भक्तों द्वार संयुक्त रूप से किया गया है। कार्यक्रम के आयोजन से कामना की गई है कि समाज में व्याप्त सभी बुराईयां समाप्त हो और आपसी भाईचारे का माहौल कायम हो।