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एक लाख से ज्यादा श्रमिकों को मिलेगा ESI अस्पताल का लाभ

 रेवाड़ी: कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआइसी) के अंतर्गत असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले औद्योगिक क्षेत्रों के एक लाख से भी अधिक श्रमिकों के लिए खुशखबरी है। इन कर्मचारियों को शीघ्र ही उपचार कराने के लिए गुरुग्राम या दिल्ली के ईएसआइ अस्पताल में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रेवाड़ी जिला के बावल कस्बा में 250 बिस्तर के ईएसआइ (एम्प्लाइज स्टेट इंश्योरेंस) अस्पताल को लेकर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने प्रदेश के श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब ¨सह सैनी को शीघ्रता से कदम आगे बढ़ाने के लिए कहा है। प्रदेश सरकार को शीघ्र ही 5 एकड़ जमीन ईएसआइ अस्पताल के लिए तलाश करनी होगी ताकि भवन निर्माण का काम शुरू हो सके।

रेवाड़ी के अतिरिक्त बावल व धारूहेड़ा में सैकड़ों की तादाद में लघु व बड़ी औद्योगिक इकाईयां है। इन औद्योगिक इकाईयों में कार्यरत 1 लाख 10 हजार के लगभग श्रमिक व उनके परिवार के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सीधे तौर पर ईएसआइ से जुड़े हुए हैं। इन श्रमिकों व उनके परिवार के लोगों के उपचार के लिए जिला में महज दो ईएसआइ डिस्पेंसरी ही है। ऐसे में श्रमिकों को अपने उपचार के लिए ज्यादातर गुरुग्राम या दिल्ली के ईएसआइ अस्पताल में ही जाना पड़ता है। अब शीघ्र ही इन श्रमिकों को उपचार की बेहतर सुविधाएं बावल में ही मिलने वाली है। अब मंगलवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के साथ प्रदेश के श्रम मंत्री नायब ¨सह सैनी की दिल्ली में जो बैठक हुई उसमें श्रम मंत्री सैनी को शीघ्रता से बावल में 5 एकड़ जमीन चिन्हित करने के लिए कहा गया है। बावल में बनने वाले इस अस्पताल में मानेसर की तरह स्वास्थ्य संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बावल में ईएसआइ अस्पताल के लिए जगह की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपकर जमीन अधिग्रहित की जाएगी ताकि जल्दी से जल्दी अस्पताल का निर्माण हो सके तथा श्रमिकों को इसका लाभ मिल सके