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गांव नांगली की गोशाला में भूखमरी व ठंड से मरी दर्जनों गाय

समैन: टोहाना खंड के गांव नांगली में कड़ाके की ठंड व भूखमरी से दर्जनों गायों के मरने का समाचार है। इस घटना को लेकर गांव नांगली के ग्रामीणों में भारी रोष है। डेरा बाबा पीपल नाथ के डेरे में बनी इस गोशाला में अभी तक दो दर्जन से अधिक गोवंश मर गए। ग्रामीणों के अनुसार यह गाय भूखमरी व ठंड से मर रही है। गायों की संभाल ने होने के कारण गोशाला में इस तरह की घटनाएं घट रही है। बुधवार सुबह जब दर्जनों ग्रामीण गऊशाला में पंहुचे तो वह गऊशाला की हालात देखकर हैरान रह गए। मरी हुई गायों से बदबू फैल रही थी। ग्रामीणों ने कहा कि यह गाय 3-4 दिन पहली मरी है।

---गाय भूखमरी से तोड़ रही दम

ग्रामीण डा. राजेश कुमार व डा. दीपक गिल ने बताया कि डेरे में बनी यह गोशाला काफी पुरानी है। डेरे में हर साल गोशाला के नाम पर लाखों रुपये का चंदा व अनाज आता है।

गोशाला में रह रही गायों की देखभाल का जिम्मा डेरे के गदीनशीन बाबा का है, लेकिन बाबा गोशाला में रह रही गाय की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। गाय भूखमरी व ठंड में दम तोड़ रही है। दीपक के अनुसार अभी तक दो दर्जन गाय दम तोड़ चुकी है।

--गोशाला बनी है वधशाला

गांव नांगली के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डेरे में बनी यह गोशाला न होकर वधशाला बनी है। यहां पर रह रही गाय दिन-प्रतिदिन दम तोड़ रही है। दम तोड़ने वाली गायों को दस-दस दिनों तक दफनाया नहीं जाता। गोशाला में बदबू फैलने से यहां कोई भी व्यक्ति प्रवेश करने से परहेज करता है। गायों को चारा न मिलने से यह प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है।

बछड़ों की हालात सबसे बदतर है। ग्रामीण राजेश के अनुसार गायों की संभाल के लिए कोई सेवादार नहीं रखा गया है। समय पर चारा न मिलने से गाय दम तोड़ रही है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत व जिला प्रशासन ने मांग कि है कि इस गऊशाला को अपने कब्जे में लेकर इस गोशाला को चलाए।