News Description
डोबी तालाब क्षेत्र में रातोंरात बनाए गए कमरे को प्रशासन ने गिराया

भिवानी: नगर परिषद एवं प्रशासनिक अधिकारियों के अमले ने बुधवार को डोबी तालाब क्षेत्र में रातोंरात बनाए गए कमरे को तोड़ दिया और निर्माण के लिए रखी ईंटों को भी उठा लिया। हालांकि इस अभियान का विधायक घनश्याम सर्राफ व नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन भवानी ¨सह सहित अन्य लोगों ने विरोध किया और कमेटी के सचिव को भीड़ से बचकर भागना पड़ा। अधिकारियों ने दावा किया है कि यह कमरा रातोंरात बना दिया गया था और पूरी तरह से अवैध था। जबकि दूसरे पक्ष ने दावा किया कि कमरा लोहड़पीर मंदिर का हिस्सा था और प्रशासन ने जबरदस्ती कमरे को तोड़ डाला। इस मंदिर से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है।

हुआ यूं कि बुधवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों का अमला डोबी तालाब क्षेत्र में पुलिस बल के साथ पहुंच गया। अमले का नेतृत्व उपायुक्त डा. अंशज ¨सह खुद कर रहे थे। उनके अलावा सीटीएम महेश, नगर परिषद के सचिव राजेश मेहता, शहर थाना प्रभारी श्रीभगवान सहित पुलिस बल शामिल थे। इस अमले ने यहां पर बनाए गए एक कमरे को जेसीबी की मदद से गिरा दिया और निर्माण के लिए रखी गई ईंटों को भी जब्त कर लिया। इसी बीच आसपास के लोग भी एकत्रित हो गए। अवैध निर्माण को तोड़ने के बाद उपायुक्त, सीटीएम व अन्य अधिकारी वापस चले गए। इस बीच विधायक घनश्याम सर्राफ, नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन भवानी ¨सह व कई पार्षद व पूर्व पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कमरे को तोड़ने का विरोध किया। नगर परिषद के सचिव राजेश मेहता को बुलाकर उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई। इस दौरान सचिव को भीड़ ने घेरना शुरू किया तो पुलिस कर्मचारी उन्हें बीच से निकालकर तुरंत ले गए। इसके साथ ही नगर परिषद कार्यालय की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई। विरोध कर रहे लोगों ने दावा किया कि उक्त कमरा लोहड़ पीर बाबा के मंदिर का हिस्सा था और उसमें मूर्तियां व अन्य सामान रखा हुआ था। नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष भवानी ¨सह ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने हठधर्मिता दिखाते हुए शहर की आस्था के केंद्र पर जेसीबी का पीला पंजा चलाया है। उन्होंने कहा कि शहर के सभी तालाबों पर अवैध कब्जे बने हुए हैं और इसकी सूची मेरे पास है। यदि प्रशासन को वास्तव में अतिक्रमण हटाना है तो मंदिर के कमरे की बजाए सभी अवैध इमारतों को गिराना चाहिए। उधर उपायुक्त अंशज ¨सह ने कहा कि तालाब की जमीन पर कमरे का अवैध रूप से रातों रात निर्माण किया गया था, जिसे हटा दिया गया है।