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कोहरे से थमी रफ्तार, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित

कुरुक्षेत्र पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी एवं मैदानी क्षेत्रों में धुंध व कोहरे से ¨जदगी की रफ्तार थीमी कर दी है। मंगलवार को ²श्यता सुबह 11 बजे तक शून्य रही। सड़कों पर वाहन रेंगरेंग कर चले तो लोगों ने ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा लिया। ठंडी हवाओं के झोकों ने भी ने लोगों की मुसीबतें बढ़ाई।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को अधिकतम तापमान 13.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय नमी की मात्रा 100 प्रतिशत रही, जबकि दोपहर के समय 95 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटों में धुंध से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। ठंड बढ़ने के साथ गर्म कपड़ों की मांग भी बढ़ गई। ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म वस्त्रों का सहारा लिया। गर्म खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी खूब भीड़ रही।

सब्जियों के लिए नुकसानदायक

चौधरी चरण ¨सह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एवं वरिष्ठ सब्जी विशेषज्ञ डॉ. सीबी ¨सह ने बताया कि धुंध सब्जियों के लिए नुकसानदायक है। धुंध के कारण मटर व टमाटर का उत्पादन प्रभावित होगा। इसके साथ गोभी की ग्रोथ भी प्रभावित होगी।

गेहूं के लिए फायदेमंद

जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि धुंध गेहूं के लिए फायदेमंद है। किसान गेहूं में हल्की ¨सचाई करें और कीटनाशक का स्प्रे भी सायं के समय करें, ताकि उसका प्रभाव सही तरीके से हो सके।

ठिठुरन के चलते बाजार में छाने लगा सूनापन

संवाद सहयोगी, इस्माईलाबाद : ठिठुरन के चलते बाजार में सूनापन छाने लगा है। वहीं दिन के समय धूप न निकलने से ग्रामीण अलाव ताप कर समय व्यतीत कर रहे हैं। स्कूली अवकाश के चलते बच्चे घरों पर ही कैद रहने लगे हैं। आसमान में छाये बादल ठंड को बढ़ा रहे हैं। इस बार नये साल का ठंड में ही जोरदार स्वागत हुआ। दिन के समय छाये बादलों के कारण ग्रामीणों को ठंड से राहत नहीं मिल रही है। तीन दिन से धूप नहीं निकली है। इस कारण से पशु पालक अधिक परेशान हैं। पशु पालकों के अनुसार पशुओं को सूखी जगह में बांधने की समस्या सताने लगी है। ऐसे में सूखा भूसा पशुओं के नीचे बिछाना पड़ रहा है। अधिक ठंड के चलते छोटे पशु तबेले के भीतर ही रखने पड़ रहे हैं। रात के समय घना कोहरा ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब साबित हो रहा है। ग्रामीण बलदेव शर्मा और ज्ञान ¨सह अजरावर ने बताया कि घने कोहरे के कारण ग्रामीण एक शहर से दूसरे शहर जाने से कतराने लगे हैं। रोजमर्रा के कामकाज पर विपरीत असर पड़ने लगा है। बाजार में ग्राहक संख्या तेजी से घटी है। जिससे आमदन पर बड़ा असर पड़ रहा है। वहीं हाइवे के ढाबों से दिन ढलने के बाद ग्राहक संख्या तेजी से घटती है। कोहरे के कारण यात्री अपने घरों की ओर समय से लपकने में भलाई समझते हैं। ग्रामीणों के अनुसार लोहड़ी पर्व तक मौसम इसी प्रकार रहने के आसार हैं। कुल मिलाकर ठंड का यह दौर अभी इसी प्रकार चलेगा।