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एनएमसी बिल के विरोध में निजी चिकित्सकों का पैदल मार्च

नारनौल : केंद्र सरकार द्वारा गत शुक्रवार को संसद में पेश किए गए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) बिल के खिलाफ मंगलवार को शहर के निजी अस्पतालों ने हड़ताल रखी। हड़ताल के दौरान चिकित्सकों ने ओपीडी बंद रही, जबकि आपातकालीन मरीजों के लिए अस्पताल खुले रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के तत्वावधान में चिकित्सकों ने आइटीआइ  के सामने स्थित वर्मा अस्पताल से लघु सचिवालय तक पैदल मार्च किया तथा वहां पर एनएमसी  के विरोध में उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल  को एक ज्ञापन सौंपा।

इस मौके पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के प्रधान डा. एमआर  मक्कड़ ने कहा कि अगर एनएमसी  बिल पारित हो गया तो मेडिकल लाइन का न केवल स्तर गिर जाएगा, बल्कि यह पेशा पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एनएमसी  की कमेटी ही सरकार ने गलत तरीके से बनाई है। पहले इसमें केवल डाक्टर शामिल थे, लेकिन अब 30 में से 25  सदस्य गैर-चिकित्सक शामिल कर दिए गए हैं। जिन्हें इस लाइन का ज्ञान व अनुभव ही नहीं, वे कैसा कानून बनाएंगे, आसानी से कल्पना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस बिल में होम्यापैथी  एवं आयुर्वेद के चिकित्सकों को महज 3-4  महीने का कोर्स कराकर एमबीबीएस  की डिग्री देने का प्रावधान किया गया है। यह सरासर गलत है और यह मरीजों के साथ खिलवाड़ सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस की डिग्री बारहवीं (मेडिकल) के बाद करीब पांच साल का कोर्स करने के बाद मिलती है तथा प्रैक्टि्स  के लिए इंटर्नशिप  एग्जाम  अनिवार्य रूप से क्लीयर  करना पड़ता है, लेकिन होम्यापैथी  या आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा संक्षिप्त कोर्स करने पर ही वे एमबीबीएस  की प्रैक्टिस कर पाएंगे और उन पर इंटर्नशिप  एग्जाम  क्लीयर  करने की कोई शर्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अप्रशिक्षित एवं अकुशल चिकित्सक मरीजों का कैसा ईलाज  करेंगे, यही सोचकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

यह मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मेडिकल कालेज खोलने के लिए बहुत सारे नियमों का पालन करना पड़ता है और सीमित सीटों की इजाजत बड़ी मुश्किल से मिल पाती है। मगर नए बिल के अनुसार कोई भी मेडिकल कालेज खोल सकेगा। इसके लिए महज एक बार मेडिकल कालेज खोलने की अनुमति लेनी होगी। सीटें मनमर्जी बढ़ा सकेंगे। इससे सीधा भ्रष्टाचार बढ़ेगा तथा चिकित्सा क्षेत्र में जबरदस्त गिरावट आएगी। इसलिए सरकार को यह बिल पास नहीं करना चाहिए।