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अस्पताल में मौजूद हर आंख दिखी नम, कैंटर में परिजन ले गए पांचों शव

झज्जर : एमपी माजरा गांव के नजदीक सड़क दुर्घटना में काल का ग्रास बने परिवार के पांच लोगों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजन मंगलवार दोपहर बाद अपने साथ पैतृक गांव खुड़ानियां पिलानी में ले गए। अस्पताल में पहुंचे परिजनों की संख्या भी काफी कम थी। ऐसे में अस्पताल में मौजूद रहे कर्मियों एवं पुलिस के स्टॉफ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हर संभव सहयोग किया। पीड़ित परिवार के इस दु:ख में वहां मौजूद हर आदमी की आंख नम दिखाई। इधर, पीजीआइ रोहतक में उपचाराधीन मासूम एवं युवती की तबीयत में भी कुछ खास सुधार नहीं हो पाया है।उधर, पुलिस के स्तर पर इस मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

ऐसे हुआ घटनाक्रम :

एमपी माजरा गांव के नजदीक हुई इस सड़क दुर्घटना में काल का ग्रास बनने वालों में हाल आबाद फरीदाबाद निवासी अनिल की माता पन्ना देवी, अनिल, अनुजा पत्नी अनिल, नमन पुत्र अनिल और बहादुरगढ़ निवासी कृष्णा पत्नी श्याम सुंदर की मौत हो गई थी। सोमवार सायं मुख्य मार्ग पर हुई इस सड़क दुर्घटना में अनिल की पुत्री अदिति और कृष्णा की पुत्री स्मृति को भी गंभीर चोटें आई थी। जो कि फिल्हाल, पीजीआइ रोहतक में उपचाराधीन है। उल्लेखनीय है कि बहादुरगढ़ निवासी कृष्णा देवी अनिल की रिश्ते में भाभी लगती थी। जो कि अपनी बेटी स्मृति के साथ दो दिन पूर्व खाटू श्याम जी के लिए गई थी। वापिसी में पूरा परिवार पिलानी से बहादुरगढ़ के लिए वापिस आ रहा था। बीच रास्ते में उनकी गाड़ी की बस से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त रही कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। जिसमें तीन महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत हो गई। रात के समय में हुई इस दुर्घटना के बाद मृतकों की पहचान में पुलिस के स्तर पर काफी मशक्कत करनी पड़ी। चूंकि मृतकों के शव गाड़ी में बुरी तरह से फंस गए थे। जिसके कारण दिक्कत हुई।

बॉक्स :

सोमवार सायं हुई घटना के बाद से ही दोनों परिवारों के परिजन सूचना मिलने के बाद ही झज्जर एवं रोहतक की ओर दौड़ने लगे थे। चूंकि रात को धुंध भी ज्यादा थी। इसलिए परिवार के लोगों को परेशानी भी ज्यादा हुई। चूंकि पांचों मृतकों के शव सिविल अस्पताल झज्जर में थे। ऐसे में उनके परिजन मंगलवार दिन के समय में यहां पर पहुंचे और उसी के बाद पुलिस के स्तर पर कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस टीम में शामिल कई कर्मियों के सहयोग से दोपहर बाद यह कार्रवाई संपन्न हुई। जिसके बाद परिजन पांचों के शव एक कैंटर में उनके पैतृक गांव खुड़ानियां पिलानी में ले गए।