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रेलगाड़ियां रही 50 मिनट से दो घंटे लेट, बसों की भी थमी रफ्तार

सिरसा : सुबह 4 बजे के बाद आई तेज धुंध ने बसों की रफ्तार रोक दी। दृश्यता मात्र 50 मीटर होने से रेलगाड़ियां भी 50 मिनट से लेकर दो घंटे तक की देरी से सिरसा पहुंची। नेशनल हाईवे पर भी वाहन स्लो स्पीड पर चले। बसों व रेलगाड़ियों की देरी से यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीण इलाकों की कुछ बसें तो मिस कर दी गई। रेवाड़ी से फाजिल्का जाने वाली पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय से दो घंटे लेट पहुंची। जिससे कंपकंपाती ठंड में यात्रियों के पास इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं रहा।

वहीं धुंध के कारण एकाएक ठंड भी बढ़ गई जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। दोपहर 12 बजे तक भी लोगों को सूर्य दर्शन नहीं हो पाए। दिन भर लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे।

सिरसा से दिल्ली व चंडीगढ़ जैसे लंबे रूट पर चलने वाली करीब आधा दर्जन बसें बीच रास्ते से ही वापस लौट आई। ये बसें सिरसा डिपो से तो निर्धारित समय अनुसार ही निकली, लेकिन रास्ते में अधिक धुंध के कारण निर्धारित समय तक गंतव्य नहीं पहुंच पाई। अधिकतर बसों को रोहतक से ही वापस मोड़ दिया गया। चालक-परिचालकों के अनुसार तय समय पर बस दिल्ली या चंडीगढ़ नहीं पहुंचने के कारण वहां से मिले हुए समय पर वापस नहीं पहुंच पाती है। इसलिए रास्ते से ही मोड़ना जरूरी था।

वहीं वाया रानियां होकर ऐलनाबाद आ रही बस की धुंध के कारण दूसरे वाहन से मामूली टक्कर हो गई। गनीमत रही कि चालक या किसी सवारी को चोट नहीं पहुंची। बाद में मामले की जानकारी सिरसा अधिकारियों को दी गई