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पति और ससुर का साथ मिला तो बॉक्सर बनी म्हारी सुनैना

हिसार : प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। यह उक्ति पुलिस लाइन निवासी सुनैना पर सटीक बैठती है। खेलने की शौकीन सुनैना को घरवाले अक्सर खेलने से मना करते थे। परिवार की इच्छा का सम्मान करते हुए उसने अपने शौक को मन में दबा लिया। लेकिन उसकी इच्छा मन में हिलोरे मारती रही। शादी के बाद उसने पति और ससुर से खेलने की इजाजत मांगी, दोनों की स्वीकृति भी मिल गई, फिर क्या था मन में संजोए सपने को हकीकत और हौसले के पंख लगे तो ठीक एक साल दो महीने पहले बॉ¨क्सग में कदम रखा है। अब तक वह पांच मेडल हासिल कर चुकी है। 31 वर्षीय सुनैना साई में बॉ¨क्सग का अभ्यास ले रही है। वह रोहतक के सुनारिया में आयोजित हुई ओपन राज्य स्तरीय बॉ¨क्सग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल पर कब्जा किया। सुनैना के दो बेटे हैं। जबकि उनके पति योगेंद्र ¨सधु हरियाणा पुलिस में हैं। सुनैना काफी समय से साई में बॉ¨क्सग कोच अनिल चहल की देखरेख में अभ्यास करती थी, लेकिन कोच का तबादला हो गया। अब वह साई में बॉ¨क्सग कोच राज ¨सह की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही है।

मेडल जीता पर नहीं मिली राशि

खेल महाकुंभ के तहत हुईजिला व राज्यस्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में सुनैना ने गोल्ड मेडल हासिल किए थे, लेकिन अभी तक सुनैना को मेडल जीतने पर मिलने वाली राशि भी नहीं मिली है। सुनैना ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द मिलने वाली राशि दी जाए।

सुबह घर का काम, शाम को अभ्यास

सुनैना सुबह घर का काम और शाम को अभ्यास के लिए जाती है। करीब दो घंटे अभ्यास करने के बाद वह घर लौटती है। सुनैना ने बताया कि सुबह घर का काम होने के कारण वह अभ्यास के लिए नहीं जा पाती है। ऐसे में शाम को अभ्यास के लिए दो घंटे का समय निकालती हूं।

सुनैना की उपलब्धियां

- वर्ष 2016 में राज्य स्तरीय बॉ¨क्सग प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल

- वर्ष 2017 में खेल महाकुंभ के तहत जिला स्तरीय बॉ¨क्सग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल

- वर्ष 2017 में खेल महाकुंभ के तहत राज्य स्तरीय बॉ¨क्सग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल

बॉक्स

सुनैना ने खेलने की इच्छा जाहिर की थी। हमने कहा कि तुम्हारी खेल में रूचि है तो खेलों। अच्छी बात है। उसके बाद से सुनैना अच्छा प्रदर्शन करती हुई मेडल पर मेडल पर मेडल हासिल कर रही है।