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यूनिवर्सिटी टॉपर से बन गया साइको किलर

फरीदाबाद : पलवल में सीरियल हत्याकांड को अंजाम देने वाला शख्स नरेश बल्लभगढ़ उपमंडल के गांव मछगर के उस धनखड़ परिवार का सदस्य है, जिसमें बड़े से लेकर छोटे तक किसी न किसी रूप में देश, जनता व माटी की सेवा में सक्रिय हैं। नरेश स्वयं प्रतिभा का धनी रहा है और शैक्षणिक जीवन में यूनिवर्सिटी टॉपर से लेकर सेना में लेफ्टिनेंट रहना और फिर कृषि विभाग में एसडीओ के पद पर पहुंचना उसकी प्रतिभा को दर्शाने के लिए काफी है, पर कुछ कारणों से अवसाद से ग्रस्त होने पर नरेश ने मंगलवार को एक के बाद एक छह हत्याएं करके अपनी पहचान साइको किलर के रूप में अंकित करा दी।

नरेश के पिता स्व.चुन्नी लाल रेलवे पुलिस में थे, उनके पांच पुत्र हुए, जिनमें सबसे बड़े श्याम सुंदर एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। दूसरे नंबर पर चंद्रप्रकाश सेना से रिटायर हैं, तीसरे नंबर पर राजकुमार भी सेना से रिटायर हैं और अब दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। चौथे नंबर पर सत्यप्रकाश किसान के रूप में धरती मां की सेवा कर रहे हैं और सबसे छोटा नरेश है, जिसने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से एमएससी की परीक्षा टॉपर करते हुए पास की। नरेश ने अपने अन्य भाइयों की तरह सेना में जाने की इच्छा के चलते चेन्नई स्थित ऑफीसर ट्रे¨नग अकादमी (ओटीए) में प्रशिक्षण लिया और वर्ष 1999 में लेफ्टिनेंट बना व फिर सेना में भर्ती हुआ, वहां से चार साल बाद मेडिकल ग्राउंड पर रिटायर होने के बाद कृषि विभाग में एडीओ के पद पर वर्ष 2006 में तैनाती पाई। इन दिनों भी वो भिवानी में इसी पद पर तैनात था।

नरेश की करीब 10 साल पहले पलवल निवासी महिला सीमा के साथ शादी हुई थी और नरेश का 8 साल का एक बेटा भी है। छह साल पहले पत्नी सीमा उसे छोड़कर अपने मायके चली गई थी।

हमारे भाई नरेश का दिमागी रूप से संतुलन बिगड़ा हुआ है और उसका इलाज मुरादनगर में त्यागी नाम के डॉक्टर के पास चल रहा है। उसे पुलिस से सख्त नफरत थी और पत्नी के छोड़कर चले जाने से वह कुंठित हो गया था, शायद इन्हीं परिस्थितियों में उसने इतना बड़ा कदम उठाया होगा। मानवीय दृष्टि से हम इस कृत्य को पूरी तरह से गलत करार देते हैं और ¨नदा करते हैं।