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नया साल,नया लक्ष्य-आत्मरक्षा के गुर सीख रहीं बेटियां

 रेवाड़ी: नया साल, नया जोश, नई उम्मीदें और नया लक्ष्य। जी, हां इस बार लक्ष्य है बेटियों को शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में सक्षम बनाने का। प्रयास जारी हैं और शहर को उम्मीद है कि बेटियां अपने मुकाम को हासिल करके न केवल सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगी, बल्कि आने वाले साल में सभी को गौरवान्वित भी करेंगी।

बेटियों को आत्मरक्षा करने में सक्षम बनाने के लिए पुलिस विभाग की ओर से विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इस साल स्कूलों व कॉलेजों में जूडो कराटे सिखाने के लिए ट्रेनर जाएंगी और छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाएंगी। महिला थाना पुलिस की ग्राम सखी (महिला वालंटियर्स) योजना को भी मजबूत किया जाएगा। किसी महिला के उत्पीड़न पर ग्राम सखी सीधे पुलिस से संपर्क कर पीड़िता को न्याय दिलाएंगी, साथ ही उनके अधिकारों व घरेलू हिंसा अधिनियम सहित अन्य जानकारियां भी देंगी।

पाली के राजकीय महिला कॉलेज की बि¨ल्डग का निर्माण कार्य चल रहा है उम्मीद है कि इस साल छात्राओं के पास अपना कॉलेज भवन होगा। सेक्टर 18 स्थित राजकीय महिला कॉलेज में हॉस्टल भी इसी साल लोकनिर्माण विभाग कॉलेज को हस्तांतरित कर देगा। महिला आइटीआइ में भी भवन विस्तार की उम्मीद है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध का ग्राफ घटने की उम्मीद वर्ष 2017 में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के ग्राफ में कमी आई। वर्ष 2016 में दुष्कर्म के जहां 51 मामले दर्ज हुए थे वहीं वर्ष 2017 में यह आंकड़ा घटकर 49 हो गया। दहेज हत्या व छेड़छाड़ के मामले भी 2016 के मुकाबले पिछले साल कम रहे। उम्मीद है कि एसपी संगीता कालिया के रहते इस साल महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध में कमी आएगी।