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150 प्रतिशत बढ़ी जेएलएन फीडर की क्षमता

 रेवाड़ी: जवाहर लाल नेहरू फीडर की क्षमता वर्ष 2014 के मुकाबले 150 प्रतिशत बढ़ गई है। जेएलएन हरियाणा को जल स्त्रोतों के अनुकूल और कुशल उपयोग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ही प्रदेश सरकार को 3 जनवरी को केंद्रीय ¨सचाई एवं विद्युत बोर्ड द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय जल स्त्रोत एवं गंगा सफाई मिशन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा सम्मानित किया जाएगा। 

रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ सहित दक्षिणी हरियाणा के अन्य जिलों की प्यास बुझाने वाली जेएलएन नहर की क्षमता के बढ़ने से इस क्षेत्र के लोगों को खासा लाभ मिला है। वर्ष 2004 से वर्ष 2014 के बीच जेएलएन की क्षमता 3451 क्यूसिक की रही थी। वर्ष 2016 तक जेएलएन फीडर का संचालन 50 प्रतिशत से भी नीचे रहा। वर्ष 2016 में इसके पुर्नभरण का कार्य शुरू किया गया और जमीनी स्तर पर काम हुआ। कम निवेश के साथ जेएलएन फीडर का संचालन 85 प्रतिशत क्षमता के साथ किया गया। नाबार्ड की 143 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत फीडर को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया गया जो मई, 2018 तक पूरा हो जाएगा। इसी प्रकार, लोहारू उठान प्रणाली के सुदृढ़ीकरण पर 25.75 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है और यह भी जून, 2018 तक पूरी कर ली जाएगी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से नारनौल, महेंद्रगढ़, लोहारू, दादरी, भिवानी और रेवाड़ी में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो पाएगी।

प्रत्येक पंप हाउस पर पंप का स्तर देखा गया, जिसके तहत 237 पंप हाउसों पर 5 हजार से अधिक पंपों की जांच की गई। कम संचालित पंपों को बदला गया। इसी प्रकार, मोटर जलने या पंप ब्रेक डाउन होने के कारणों का भी अध्ययन किया गया। इसके साथ ही हौदियों से गाद निकाली गई और नहर की मरम्मत की गई और बाहरी मिट्टी को रोकने के लिए बैरियर वॉल बनाई गई। इस कार्य से 90 प्रतिशत तक नहर की क्षमता बढ़ गई।