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बिजली निगम कार्यालय के 500 मीटर के दायरे में धरना व प्रदर्शन पर रोक

अंबाला : छावनी के क्वालिटी सब डिवीजन में डीसी रेट के दो कर्मियों को निकालने और एक लाइन मैन के निलंबन का मामला एक तरफ अंबाला के बाद पंचकूला में भी प्रवेश कर गया तो दूसरी तरफ बिजली निगम मंगलवार को कोर्ट में पहुंच गया। कोर्ट ने बिजली निगम के कार्यालय से 500 मीटर के दायरे में धरना और प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है। बिजली निगम और यूनियन के टकराव कम होने की बजाए बढ़ता नजर आ रहा है जिसके चलते बिजली निगम अंबाला के 3.77 लाख बिजली के उपभोक्ताओं की परेशानी अब और ज्यादा बढ़ने वाली है क्योंकि बिजली कर्मियों ने काम छोड़ दिया है। यदि वेतन कटता है तो कर्मी पांच बजे के बाद भी कोई काम नहीं करेंगे।

बिजली निगम के अधिकारियों ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा है कि डीसी रेट पर रखे हुए जिन दो मीटर रीडर को हटाया गया है उनके काम को उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम हरियाणा ने केवाइजी एजेंसी को दे दिया है। इसीलिए उन्हें हटाना पड़ रहा है लेकिन यूनियन के धरने प्रदर्शन को देखते हुए बिजली निगम ने दोनों कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी में रखने के लिए हामी भी भर दी थी। यूएचबीवीएन मुख्यालय और अधीक्षक अभियंता ने भी यूनियन को यह जानकारी दे दी थी लेकिन यूनियन नहीं मानी। इसके अलावा जिस लाइनमैन का निलंबन किया गया है कि उसे रद करने की बात भी बिजली निगम मान चुका है, लेकिन यूनियन जिद पर अडी है कि हटाए गए और निलंबित कर्मी क्वालिटी सब डिवीजन में रहने चाहिए। इसीलिए कोर्ट के सामने बिजली निगम के अधिकारियों ने यूनियन की इस मांग को तानाशाही और दादागिरी का बताया है। कोर्ट ने अधिकारियों के तर्क के आधार के बिजली निगम के सभी कार्यालय के 500 मीटर के दायरे के अंदर धरने प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है।