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पाल समाज ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

यमुनानगर : अखिल भारतीय पाल महासभा हरियाणा की मी¨टग प्रदेश अध्यक्ष नर ¨सह की अध्यक्षता में अर्जुन नगर स्थित पाल धर्मशाला में हुई। मी¨टग में मुख्य अतिथि पंजाब के समाज सेवी बरखा राम शामिल हुए। इसमें समाज के मुख्य मांगों पर विचार विमर्श करने के साथ साथ भारतीय जनता पार्टी व मुख्यमंत्री द्वारा मांगी गई समाज की विभिन्न मांगों पर ¨चतन व मंथन किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष नर ¨सह पाल ने वह बरखा राम ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी हमारे घुमंतू समाज के साथ न्याय नहीं किया जा सका। हमारे पूर्वज के घुमंतू जीवन व्यतीत करने के कारण अनपढ़ रहे। समाज के लोग संविधान में अपना हक दर्ज नहीं कर सके। संविधान में दर्ज हमारे अधिकारों को देने में आनाकानी की जा रही है। उन्होंने उपस्थित लोगों व समाज के कार्यकर्ताओं से अपने समाज की एकता को संगठित करने की अपील करते हुए कहा कि हरियाणा में समाज का संगठन मजबूत है आपने कई मौकों पर इसका प्रदर्शन कर अपनी ताकत का एहसास कराया है। प्रदेश के वरिष्ठ उप प्रधान ज्ञानचंद परिवार ने कहा कि महासभा अपने समाज की मांगों को हर सरकार के सामने रखती रही है लेकिन सभी सरकारों का रवैया टरकाऊ रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में गडरिया समाज ने संसदीय चुनावों से पूर्व भारतीय जनता पार्टी को अपने मुख्य मांगे बताकर खुला समर्थन दिया था। वर्ष 2016 में करनाल में समाज की विशाल रैली कर मुख्यमंत्री व उनकी सरकार का मान सम्मान भी किया था। भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में समाज के मुख्य मांगों को दर्ज किया था। मुख्यमंत्री ने भी मांगों को माना था और उन्हें जल्दी ही पूरा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन सरकार के तीन वर्ष भी जाने पर भी समाज अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है। सरकार को बार-बार चेताने पर भी समाज की मांगों पर सरकार उदासीनता बनाए हुए हैं। समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार को एक समय सीमा देने के बाद अगली रणनीति तय करने का निर्णय लिया। सभी लोगों ने समाज के प्रतिनिधियों को सक्रिय होने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।

महासभा के संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। जिला करनाल से सतपाल को प्रदेश महासचिव, गुलजार ¨सह एडवोकेट को कानूनी सलाहकार, पूर्ण ¨सह एडवोकेट को कार्यकारिणी सदस्य व खिजराबाद निवासी बलदेव प्रकाश पाल को प्रदेश सह सचिव मनोनीत कर शपथ दिलाई गई।