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साइकोटिक बीमारी से पीड़ित विक्षिप्त महिला, हालत में सुधार नहींo

यमुनानगर : सिविल अस्पताल में जिस विक्षिप्त महिला के साथ दुष्कर्म हुआ वो साइकोटिक बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी से उसका पिता व भाई भी पीड़ित है। बीमारी के चलते ही उसके पिता की मौत हो चुकी है। भाई को उसकी मां संभाल रही है। पुलिस ने पीड़िता की मां से संपर्क किया। लेकिन उसने साफ कह दिया कि उसके पास पहले से मंदबुद्धि बेटा है। ऐसी हालत में वो बेटी को कैसे संभालेगी। इसलिए पुलिस व अस्पताल प्रशासन इस बात को लेकर ¨चतित है कि महिला की देखभाल कैसे और कब तक करेंगे।

घटना के एक सप्ताह बाद भी पुलिस की जांच वहीं ठहरी है जहां से शुरू हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर हर रोज पीड़िता की काउंस¨लग कर रहे हैं। डाक्टरों की माने तो उसकी हालत में पहले से कुछ सुधार देखने को मिला है। अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि महिला अभी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। उसे दवाइयां दी जा रही है। वह साइकोटिक बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में कुछ भी पता नहीं होता। वह अपने आसपास के माहौल से अलग हो जाता है। खुद को ही सबकुछ समझता है। उसे ठीक होने में कितना समय लगेगा कुछ कहा नहीं जा सकता। उसकी लगातार काउंस¨लग की जा रही है।

काउंस¨लग के दौरान महिला ने अपने मायके व ससुराल का पता बताया था। जिसके आधार पर पुलिस ने उसके मायके जयरामपुर गांव में उसकी मां से संपर्क किया। फिलहाल विक्षिप्त महिला को उसकी मां साथ नहीं रखना चाहती। क्योंकि एक तो आर्थिक रूप से उसकी हालत सही नहीं है। दूसरा उसका बेटे का दिमागी संतुलन भी सही नहीं है। पुलिस की माने तो मां ने एक ही बात कही है उसका पूरा दिन बेटे को संभालने में लगा रहता है। यदि उसके पास बेटी भी आ जाएगी तो वो दोनों की देखभाल कैसे करेगी।

उधर, पुलिस भी लगातार डाक्टरों से संपर्क कर रही है। ताकि महिला के बयान दर्ज किए जा सके। क्योंकि जब तक उसके बयान दर्ज नहीं होंगे तब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद भी नहीं की जा सकी। जब पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म का आरोप लगा था उसे भी पुलिस जांच में शामिल कर चुकी है जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया था। हाई कोर्ट की एडवोकेट आरती का कहना है कि जब कुछ किया ही नहीं था तो उस रात पुलिसकर्मी वहां से क्यों भागा था। उसे उसी वक्त मामले में अपनी सफाई देनी चाहिए थी।