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रक्तदान सब दान से बढ़कर : प्रो. सुनील

कुरुक्षेत्र : थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के लिए रक्तदान जैसे पुनीत कार्य के साथ नववर्ष के आगमन पर समाजसेवा का कार्य करने वाले रक्तदाता बधाई के पात्र हैं। रक्तदान सब दानों से बढ़कर महादान है, क्योंकि रक्तदाता को यह नहीं पता होता कि उसके दिए रक्त से किस व्यक्ति का जीवन बचेगा। एक इकाई रक्त से चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। ऐसे पुनीत कार्य करने वाले रक्तदानी महान होते हैं। ये बातें कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुनील यादव ने कही।

वह लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में नववर्ष के आगमन पर डायमंड रक्तदाता डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा लगातार तीसरे दिन लगाए गए 155वें स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे थे।

उन्होंने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर का शुभारंभ किया। शिविर में मानव मित्र मंडल के प्रधान डॉ. राम रतन शर्मा बतौर अध्यक्ष पधारे। उन्होंने रक्तदाताओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि रक्त की एक-एक बूंद जीवन प्रदान करती है। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्याध्यापक दलबीर मलिक, केयूके लेखा अधिकारी सत्यनारायण वर्मा, शैलेंद्र पाराशर पधारे।

वर्ष के प्रथम रक्तदान शिविर संयोजक डायमंड रक्तदाता डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अतिथियों को भारत माता के चित्र को स्मृति चिह्न स्वरूप भेंट कर उनका सम्मान किया। सभी रक्तदाताओं को बैज, पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। रक्तकोष प्रभारी डॉ. विनोद तंवर की अध्यक्षता में गुर¨जद्र कौर, राम कुमार, ज्ञान शर्मा और ऋतु ने रक्त संगृहित किया। सुषमा वर्मा, प्रियंका वर्मा, दिव्या वर्मा, अक्षय वर्मा, विनोद भुक्कल, अर¨वद आदि ने रक्तदान शिविर के सफल संचालन में अपना योगदान दिया। डॉ. भारतेंदु हरीश ने मंच का संचालन किया।

इन्होंने किया रक्तदान

हवलदार पवन कुमार वर्मा, धर्मबीर, मनदीप, सुभाष चंद, सवीन गेरा, कुमारी मनदीप, ज¨तदर ¨सह, संजय कुमार, सुखबीर ¨सह, राहुल अरोड़ा, कमलजीत, संजय कुमार, करमवीर ¨सह, कृष्ण कुमार, मलकीत ¨सह, गुर¨वदर ¨सह, पवन कुमार, सुनील कुमार आदि।