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नए साल में चुनावी मोड में रहेंगी सभी पार्टियां

जींद प्रदेश की राजनीतिक राजधानी कहे जाने वाले जींद में नए साल में सभी राजनीतिक दल चुनावी मोड में रहेंगे। केंद्र को मोदी सरकार 43 महीने का कार्यकाल पूरा कर चुकी है और प्रदेश की मनोहर सरकार भी 38 महीने से सत्ता पर काबिज है। इस साल ¨हदी बेल्ट के तीन बड़े प्रदेशों सहित आठ राज्यों में चुनाव होने हैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनाव भी इनके साथ हो सकते हैं। ऐसे में सभी दलों में राजनीतिक गतिविधियां जोरों पर रहेंगी।

देश के कई राज्यों में लगातार जीत हासिल कर रही भाजपा का फोकस बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर रहेगा, जबकि प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल इनेलो और कांग्रेस केंद्र और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में राजनीतिक समीकरण पिछले चुनावों से पूरी तरह उलट रहेंगे। पिछले विधानसभा चुनाव से दूरी बनाकर रखने वाली आम आदमी पार्टी इस बार मैदान में उतरेगी। अभी आप के पास प्रदेश में बेशक मजबूत संगठन नहीं है, लेकिन पार्टी प्रमुख केजरीवाल की जन्मभूमि हरियाणा होने के कारण उसके प्रत्याशी कई पार्टियों का गणित जरूर बिगाड़ेंगे। सत्तासीन भाजपा को जिले में मजबूत करने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री चौ. बीरेंद्र ¨सह के ऊपर रहेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में जुलाना, जींद और नरवाना के प्रत्याशियों के चयन में उनकी बड़ी भूमिका थी। यह अलग बात है कि वह किसी को जिता नहीं पाए, लेकिन आगामी चुनाव पार्टी संगठन में अपना कद ऊंचा करने के लिए वह जिले की ज्यादातर सीटों को पार्टी की झोली में डालना चाहेंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक विकास रैलियां कर कई बड़ी घोषणाएं कर चुके हैं, लेकिन इनमें से कई घोषणाएं अब तक सिर्फ कागजों में ही चल रही हैं। मेडिकल कॉलेज, बागवानी विवि का रीजनल सेंटर, ट्रांसपोर्ट हब समेत कई घोषणाओं पर तीन साल में एक ईंट भी नहीं लगी है। तीन साल में सरकार जिले में कोई बड़ा प्रोजेक्ट भी नहीं ला पाई है। कई पुराने प्रोजेक्ट भी अधर में लटके हुए हैं। विपक्षी पार्टियां इन्हीं को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाएगी।

--भाजपा : 893 बूथों पर बनाई 10 वर्कर्स की टीम

भाजपा के जिला प्रधान अमरपाल राणा कहते हैं कि बीते डेढ़ साल में उन्होंने पार्टी में 2800 सक्रिय सदस्य जोड़े हैं। जिले के सभी 893 बूथों पर 10-10 लोगों की टीम बना दी है। इनमें एक प्रधान, एक पालक, एक सचिव और सात सदस्य हैं, जिनमें एक महिला जरूर है। पार्टी ने जिले को 15 मंडलों में बांट रखा है। हर मंडल पर शक्ति केंद्र प्रमुख बना दिए हैं, जो चार-पांच बूथों पर नजर रखेंगे।

--इनेलो : पांचों हलकों में जीत का टारगेट बनाया

इनेलो के जिला प्रधान कृष्ण राठी कहते हैं कि जिले में उनकी पार्टी का संगठन सबसे मजबूत है। जिले के पांच में तीन हलकों नरवाना, जींद, जुलाना में उनके विधायक हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सभी पांचों हलकों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बूथ स्तर पर पार्टी के सदस्यों की नई टीम बनाई जाएंगी। पार्टी के सभी मोर्चो के पदाधिकारियों को सक्रिय कर दिया गया है।

--कांग्रेस : सरकार के झूठे वादों की पोल खोलेंगे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद सहवाग कहते हैं कि मोदी और मनोहर सरकार ने सत्ता में आने से पहले किसानों, मजदूरों और व्यापारियों से लोक-लुभावने वादे किए थे। इनमें से एक भी पूरा नहीं किया है। कांग्रेस के कार्यकर्ता घर-घर जाकर भाजपा के झूठे वादों की पोल खोलेंगे। जींद में मेडिकल कॉलेज शुरू नहीं हो पाया। यूनिवर्सिटी में कोई नया कोर्स नहीं आया और एक भी बड़ा काम पूरा नहीं हो पाया है।

--इन पर रहेगी नजर

मुख्यमंत्री के निजी सचिव राजेश गोयल जींद में लगातार सक्रिय हैं। लोगों में चर्चा चल रही है कि वह जींद से चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे कई भाजपाइयों का गणित बिगड़ सकता है। सफीदों से कांग्रेस और बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके कर्मवीर सैनी लगातार सक्रिय हैं। उनकी जनसभाओं में खूब भीड़ जुट रही है। उचाना में कांग्रेस से नया प्रत्याशी कौन उभरेगा, इस पर सबकी नजरें रहेंगी।