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नया साल आया, सर्दी साथ लाया

फरीदाबाद : शीत ऋतु हो और मुंह से जब तक यह न निकले कि आज तो जबरदस्त ठंड है, तब तक यह महसूस ही नहीं होता कि सर्दी का मौसम चल रहा है। बीत चुके वर्ष के अंतिम महीने में कमोबेश यही स्थिति रही, अंतिम दिन जरूर कोहरा था, पर ठंड तब भी उतनी नहीं थी, पर नए साल के पहले दिन जहां जबरदस्त कोहरा पड़ा, वहीं ठंड ने भी अपने अस्तित्व का अहसास कराया कि हां मैं हूं अभी कहीं नहीं गई।

नया साल का पहला महीना, सप्ताह के पहले दिन सोमवार की पहली सुबह कुछ इसी तरह से अहसास लेकर आई। कोहरे भरे मौसम में घर से बाहर निकले लोगों ने एक-दूसरे को, नाते-रिश्तेदारों को, मित्रों को नव वर्ष की बधाई दी, वहीं यह भी कहा कि आज तो ठंड है। ठीक एक दिन पहले यानी वर्ष के अंतिम दिन अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था, पर सोमवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री दर्ज किया गया।

कोहरे का प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दिखा, यहां ²श्यता बेहद कम थी। सोमवार को सूर्यदेव भी अपने प्रभाव की बजाय कम चमक बिखेरते नजर आए, इस कारण भी ठंड का असर रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में खास ठंडी वाले क्षेत्र तिलपत, टिकावली, बादशाहपुर, पलवली, रिवाजपुर, खेड़ीकलां, पाली, भतौला, बड़ौली, फजुपुर, माजरा, नीमका, तिगांव शामिल रहे, जहां अधिकतम तापमान ही 16 डिग्री तक पहुंचा।

कोहरे के कारण वाहनों की दिन में जलती रही हेडलाइट: कोहरा जरूर था, पर शहरी क्षेत्र में ²श्यता ठीक ही थी, बावजूद इसके वाहन चालकों ने कोई जोखिम उठाना ठीक नहीं समझा और वाहनों की हेडलाइट जला कर सड़कों पर निकले। इसके अलावा दोपहिया वाहन चालक चेहरे को हेलमेट के साथ मफलर से पूरी तरह से ढक कर चले।

ठंड बढ़ने के ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौसम में ब्लड प्रेशर भी ज्यादा बढ़ने से हार्ट अटैक हो सकता है। सर्द मौसम में अस्थमा के रोगियों को श्वास संबंधी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इसलिए बचाव के उपाय करने की जरूरत है। इन उपायों में घर को धूल और धुएं से मुक्त रखें, स्वयं को गर्म कपड़ों से पूरी तरह से ढक कर रखें, श्वास रोगी इन्हेलर अपने पास रखें, बाहर जाने पर दस्ताने और मौजे दिन भर अवश्य पहनें। मफलर सिर व कानों को गर्म रखने का बेहतर उपाय है।