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बिजली चोरी कंपाउंडिंग फीस और आधा जुर्माना भरने पर रद होगी FIR

 पानीपत : बिजली चोरी का जुर्माना न भरने वालों के लिए राहत की खबर है। निगम ने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट स्कीम के तहत बिजली चोर पूरी कंपाउंडिंग फीस और 50 फीसद जुर्माना भर सकते हैं। इसके बाद एफआइआर कैंसिल हो जाएगी। पिछले दो वर्षो में 4992 बिजली चोरी पकड़ी गई। उसमें से 3719 उपभोक्ताओं ने जुर्माना नहीं भरा, इसलिए उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज है। सेटलमेंट करने से उपभोक्ताओं और निगम दोनों का फायदा होगा।

बिजली संबंधित विवादित मामले निपटाने के लिए निगम ने आउट ऑफ सेटलमेंट स्कीम शुरू कर रखी है। पहले यह स्कीम सिर्फ कोर्ट केस निपटाने के लिए थी। एक जनवरी से स्कीम का दायरा बढ़ाते हुए बिजली चोरी के केस भी शामिल किए हैं। पानीपत जिले में बिजली चोरी करने वाले 4992 उपभोक्ताओं को 18 करोड़ 31 लाख रुपये जुर्माना किया था। उनमें से 3719 उपभोक्ताओं ने 10 करोड़ 50 लाख रुपये जुर्माना जमा नहीं कराया। निगम ने उनके खिलाफ विजिलेंस में एफआइआर दर्ज कर करवा रखी है। आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट स्कीम के तहत उपभोक्ता 31 मार्च तक पूरी कंपाउंडिंग फीस और आधा जुर्माना भर अपनी एफआइआर कैंसिल करवा सकते हैं।

बिजली चोरी पकड़ने के बाद निगम जुर्माना बनाता है। पिछले एक साल की खपत यूनिट पर दोगुणा रेट लगाया जुर्माना बनाया जाता है। जुर्माना भरने के लिए उपभोक्ता को नोटिस भेजा जाता है। नोटिस मिलने के 24 घंटे के अंदर जुर्माना नहीं भरा तो उसके खिलाफ विजिलेंस में एफआइआर दर्ज कराई जाती है।

बिजली चोरी पकड़े जाने पर जुर्माने के साथ कंपाउंडिंग फीस देनी होती है। दोनों की अलग-अलग रसीद कटती हैं। घरेलू कनेक्शन पर 2000, दुकान पर 5000 और उद्योग में बिजली चोरी पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से कम्पाउंडिंग फीस लगती है। दूसरी बार चोरी पकड़े जाने कम्पाउंडिंग फीस नहीं लगती।